पूर्व SC जज मार्कंडेय काटजू ने बनाई ‘इश्क करो पार्टी’, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर कह दी बड़ी बात
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है और लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की है. वहीं उन्होंने अभिजीत दीपके और CJP की राजनीति पर सवाल भी उठाएं.

नई दिल्ली: भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने देश में एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है. इस पार्टी का नाम ‘इश्क करो पार्टी’ रखा गया है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी की शुरुआत की जानकारी दी और लोगों से इसमें जुड़ने की अपील भी की. साथ ही पार्टी के लिए सदस्यता अभियान शुरू करने की बात कही गई है.
CJP और अभिजीत दीपके पर साधा निशाना
मार्कंडेय काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला है. काटजू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर एक मंत्री हट भी जाएगा, तो उसकी जगह दूसरा मंत्री आ जाएगा, इससे व्यवस्था में क्या फर्क पड़ेगा.
उन्होंने लोगों से CJP का साथ छोड़कर ‘इश्क करो पार्टी’ से जुड़ने की अपील भी की. काटजू ने कहा कि जल्द ही पार्टी की वेबसाइट और इंस्टाग्राम अकाउंट भी लॉन्च किए जाएंगे.
पार्टी में पद भी किए घोषित
पूर्व जज ने बताया कि 44 साल की उम्र के बाद लोग इस पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी की सोच से सहमत होंगे, उन्हें संगठन में पद भी दिए जाएंगे. उन्होंने इरफान अली को पार्टी का अध्यक्ष बताया और लोगों से संपर्क करने की अपील की.
किन मुद्दों पर काम करेगी पार्टी
मार्कंडेय काटजू का कहना है कि उनकी पार्टी देश के असली मुद्दों को उठाएगी. उन्होंने बेरोजगारी, गरीबी, भूख और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी जैसे विषयों को गंभीर समस्या बताया. उनके अनुसार राजनीति केवल धार्मिक और जातीय बहसों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए.
NEET और शिक्षा व्यवस्था पर जारी विवाद
दूसरी ओर अभिजीत दीपके लगातार NEET पेपर लीक और CBSE की मार्किंग व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है. हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था.
दीपके ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रुकवाने की बात की जा सकती है, तो देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना भी संभव होना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा.


