UPI से सेमीकंडक्टर तक... भारत-मलेशिया रिश्तों को नई उड़ान, 6 अहम समझौतों पर लगी मुहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान और सांस्कृतिक सहयोग सहित छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे भारत-मलेशिया रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिली.

नई दिल्ली: भारत और मलेशिया के रिश्तों को नई ऊर्जा देने वाला एक अहम कदम कुआलालंपुर में देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मौजूदगी में छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. यह सिर्फ औपचारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि दोनों देशों के बीच भरोसे, सहयोग और साझा भविष्य की दिशा में बढ़ता एक मजबूत संकेत भी था.
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत हुई. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच पहले से स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुआ.
वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर निर्माण, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री क्षेत्र, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, डिजिटल तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नई और उभरती तकनीकों में भी साथ काम करने की इच्छा जताई.
किन क्षेत्रों में हुए समझौते?
हस्ताक्षरित समझौतों में सुरक्षा सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भागीदारी को बढ़ावा देने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं. इसके अलावा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग, स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं, आपदा प्रबंधन तथा भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों पर भी सहमति बनी. ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े समझौते भी हुए, जिनसे युवाओं और रचनात्मक उद्योगों को लाभ मिलेगा. मलेशिया में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा समझौता भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सांस्कृतिक जुड़ाव: थिरुवल्लुवर केंद्र की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में थिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करने और छात्रवृत्तियों की शुरुआत का ऐलान किया. इस पहल का उद्देश्य महान तमिल कवि थिरुवल्लुवर की शिक्षाओं को बढ़ावा देना और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है. साथ ही, भारत ने मलेशिया में अपना पहला वाणिज्य दूतावास खोलने का निर्णय भी लिया है, जिससे राजनयिक संपर्क बेहतर होंगे और वहां रह रहे भारतीयों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी.
डिजिटल भुगतान और आयुर्वेद में सहयोग
डिजिटल क्षेत्र में एनपीसीआई इंटरनेशनल और मलेशिया की पेनेट के बीच भुगतान प्रणाली को जोड़ने पर सहमति बनी है. इस कदम से भविष्य में यूपीआई के जरिए दोनों देशों के बीच आसान और तेज भुगतान संभव होगा. इससे छात्रों, पर्यटकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके अलावा आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति हुई है, जिससे शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बल मिलेगा.
पर्यावरण और व्यापारिक संबंध
मलेशिया ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. यह पहल जैव विविधता संरक्षण और बड़ी बिल्लियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही भारत-मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट दोनों प्रधानमंत्रियों को सौंपी गई, जिसमें व्यापार और निवेश को बढ़ाने के सुझाव दिए गए हैं.


