नई दिल्ली: गुजरात में इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बुधवार को बताया कि कांगो से आए एक व्यक्ति और उसके संपर्क में आए तीन अन्य लोगों को अहमदाबाद में आइसोलेशन में रखा गया है. सभी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इबोला वायरस से संक्रमित हैं या नहीं.
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अफ्रीका के कई हिस्सों, खासकर कांगो में इबोला संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इसके मद्देनजर गुजरात सरकार ने अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निगरानी और जांच व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है. युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान जैसे प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार हर संदिग्ध यात्री की गहन स्वास्थ्य जांच की जा रही है.
राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर अहमदाबाद और सूरत के प्रमुख अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन बेड भी तैयार किए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल राज्य में इबोला का कोई पुष्टि किया गया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जा रही है. प्रभावित अफ्रीकी देशों से लौटने वाले यात्रियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत अलग रखा जा रहा है.
इस बीच, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश राव ने बताया कि युगांडा से बेंगलुरु लौटी 28 वर्षीय एक महिला में इबोला जैसे लक्षण दिखाई दिए थे, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. वहीं, तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजनरसिम्हा ने भी लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है. उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मौजूदा इबोला प्रकोप को बंडीबुग्यो स्ट्रेन का अब तक का तीसरा सबसे बड़ा संक्रमण बताया है. संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की श्रेणी में रखा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि भारत सरकार अफ्रीका में फैल रहे इबोला संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. First Updated : Wednesday, 27 May 2026