शराब पिलाई, गले में घोंपा पेचकस, फिर ट्रैक पर लिटाया… गर्लफ्रेंड को रंग लगाने से भड़के युवक ने की दोस्त की हत्या
पानीपत में रेलवे ट्रैक पर मिली युवक की लाश को पहले हादसा माना गया, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि दोस्त ने गर्लफ्रेंड को रंग लगाने के विवाद में साजिश रचकर शराब पिलाई और जिंदा ही ट्रैक पर लिटाकर हत्या कर दी.

पानीपत: हरियाणा के पानीपत से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. होली के बाद रेलवे ट्रैक पर मिली एक युवक की कटी-फटी लाश को पहले हादसा समझा गया, लेकिन जांच ने इस मामले को एक सोची-समझी साजिशी हत्या में बदल दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या के पीछे कोई दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक का अपना दोस्त ही निकला.
23 वर्षीय कालू होली के दिन अचानक लापता हो गया था. कुछ समय बाद उसका शव रेलवे ट्रैक के पास मिला, जिसे शुरुआत में ट्रेन दुर्घटना मान लिया गया. लेकिन परिवार और पुलिस को कुछ बातें संदिग्ध लगीं, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की गई. सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने जब साक्ष्य जुटाए, तो पूरा मामला पलट गया.
दोस्त ही निकला कातिल
जांच के दौरान पुलिस ने महमूदपुर गांव के संजू, राहुल और विशाल को गिरफ्तार किया. पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद हैरान करने वाला था. पुलिस के मुताबिक, इस हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी संजू था, जो कालू का दोस्त ही था. दरअसल, होली के दिन कालू ने संजू की गर्लफ्रेंड को रंग लगा दिया था. इसी बात को लेकर संजू बेहद नाराज हो गया. दोनों के बीच पहले से भी कुछ व्यक्तिगत विवाद चल रहा था, जिसने इस गुस्से को और बढ़ा दिया.
पुरानी दुश्मनी भी बनी वजह
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था. कालू ने एक बार संजू की मोटरसाइकिल उधार ली थी, जो बाद में एक हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई थी. इस नुकसान की भरपाई नहीं होने से संजू पहले से ही नाराज था. होली की घटना ने उसकी नाराजगी को और भड़का दिया.
शराब पिलाकर रची गई साजिश
घटना वाले दिन संजू ने कालू को मिलने के लिए बुलाया. तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे शराब पिलाई. पुलिस के अनुसार, उन्होंने खुद कम शराब पी, लेकिन कालू को ज्यादा नशे में धुत कर दिया ताकि वह विरोध करने की स्थिति में न रहे. जब कालू पूरी तरह नशे में हो गया, तो आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर रेलवे ट्रैक के पास ले गए. वहां संजू ने स्क्रूड्राइवर से उसकी गर्दन पर वार किया, लेकिन इससे भी उसकी मौत नहीं हुई.
इसके बाद आरोपियों ने बेहद क्रूर कदम उठाया. उन्होंने घायल कालू को उठाकर रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच लिटा दिया. वह नशे और चोट की वजह से खुद को बचाने में असमर्थ था. कुछ ही देर बाद तेज रफ्तार ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई.
ऐसे खुला पूरा राज
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन का सहारा लिया. जांच में पता चला कि आरोपी घटना के समय मौके के आसपास ही मौजूद थे. लगातार पूछताछ के बाद तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है. यह घटना दिखाती है कि छोटी-सी बात कैसे खतरनाक अंजाम तक पहुंच सकती है.


