हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हाईवोल्टेज ड्रामा, भाजपा-कांग्रेस को 1-1 सीट
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में मतदान के बाद जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला. देर रात तक चली मतगणना के बाद भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की, जबकि क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने से मामला और गरमा गया.

नई दिल्ली: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को हुए मतदान के बाद सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया. मतगणना के दौरान कई घंटों तक चली उठापटक और आरोप-प्रत्यारोप के बीच परिणाम देर रात घोषित किए गए. अंततः भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की.
चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोटों की वैधता को लेकर दोनों दलों के बीच विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते मतगणना करीब साढ़े पांच घंटे तक रुकी रही. इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव को हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल दिया और नतीजों का इंतजार देर रात तक खिंचता रहा.
भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट
मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजेता घोषित हुए, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा. वोटों की गिनती में संजय भाटिया को 31, कर्मवीर बौद्ध को 28 और सतीश नांदल को 27 वोट मिले. कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने एक वोट के अंतर से जीत हासिल की.
साढ़े पांच घंटे रुकी रही मतगणना
मतगणना शाम 5 बजे शुरू होनी थी, लेकिन विवाद के कारण यह प्रक्रिया करीब साढ़े पांच घंटे तक बाधित रही. रात साढ़े 10 बजे गिनती दोबारा शुरू हुई और अंततः रात 1 बजकर 10 मिनट पर परिणाम घोषित किए गए.
इस दौरान कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए.
सुबह से शाम तक चला मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डाला, जबकि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद कल्याण ने अंत में मतदान किया. 90 सदस्यीय विधानसभा में कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जबकि इनैलो के अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल ने मतदान नहीं किया.
88 वोट पड़ने के बाद जीत के लिए आवश्यक कोटा 30 तय किया गया.
वोट की सीक्रेसी को लेकर विवाद
मतदान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के दो विधायकों -भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत चुनाव आयोग से की. वहीं कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट की सीक्रेसी पर सवाल उठाए.
दोनों पक्षों की शिकायतों को चुनाव अधिकारी ने आयोग के पास भेजा. देर रात इन मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जबकि अनिल विज का वोट वैध माना गया. इसके बाद ही मतगणना शुरू हो सकी.
कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग से साख को झटका
हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की, लेकिन पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग ने उसकी साख को प्रभावित किया. बताया गया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चार वोट अमान्य पाए गए.
हुड्डा बोले- 'अग्निपरीक्षा को पार किया'
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने चुनाव को कांग्रेस के लिए कठिन परीक्षा बताया. उन्होंने कहा, "कांग्रेस के सामने यह चुनाव एक बेहद बड़ी चुनौती थी और पार्टी के भीतर दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है."
उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों ने ऐन मौके पर पार्टी के साथ धोखा किया है, हरियाणा की जनता उनसे इसका बदला जरूर लेगी."
हुड्डा ने यह भी कहा, "यह कांग्रेस के लिए एक अग्निपरीक्षा थी, जिसे पार्टी ने भारी मुश्किलों के बाद पास कर लिया है."
भाजपा पर गंभीर आरोप
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, "मोदी और अमित शाह कितन प्रयास कर लें, लेकिन जनता सबक सिखाएगा."
उन्होंने आरोप लगाया, "गुजरात के डिप्टी सीएम ने यहां विधायक खरीदने का प्रयास किया शिमला में आकर भी विधायक खरीदने का प्रयास किया गया."
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी द्वारा हर अनैतिक हथकंडा अपनाया गया. 4 वोट इनवेलिड की गई, 1 वोट पहले इनवेलिड किया. सिर्फ एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए बीजेपी ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया."


