Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है. इस वीडियो ने सियासी गलियारों में नए कयासों को जन्म दे दिया है. क्या तेज प्रताप यादव मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं? क्या यह वीडियो लालू यादव द्वारा तेजस्वी यादव को सौंपी गई राजनीति विरासत पर सीधा सवाल है. बता दें कि तेज प्रताप का यह कदम राजनीतिक पावर गेम का हिस्सा माना जा रहा है. आइए जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम का बिहार की सियासत पर क्या असर हो सकता है.
मुख्यमंत्री बनने का दावा
आपको बता दें कि तेज प्रताप यादव ने आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले एक ऐसा वीडियो जारी किया, जिसने सभी को चौंका दिया. इस वीडियो में उन्होंने न केवल बिहार सरकार गिराने की बात कही, बल्कि खुद को अगला मुख्यमंत्री घोषित करने का दावा भी ठोक दिया. तेज प्रताप ने वीडियो में कहा, ''बहुत जल्द हम सरकार गिराएंगे, अगला सीएम आपके सामने बैठा है.'' हालांकि इस वीडियो में प्रयुक्त ऑडियो एक फिल्म का संवाद है. वहीं इस बयान के साथ तेज प्रताप ने यह भी लिखा, ''नेतृत्व कोई पद या उपाधि नहीं है, यह कार्य और उदाहरण है.'' तेज प्रताप के इस बयान से यह साफ संकेत मिलते हैं कि वे राजनीतिक रूप से बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं.
तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच पावर गेम?
तेज प्रताप के इस वीडियो को तेजस्वी यादव के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले इस वीडियो का आना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष चरम पर है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. शायद इसी कारण तेज प्रताप ने अपनी दावेदारी पहले ही ठोंक दी है. वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के लिए पार्टी का चेहरा बनाए जाने की योजना पर तेज प्रताप की नजर है. तेज प्रताप का यह कदम दोनों भाइयों के बीच सत्ता संघर्ष की ओर इशारा करता है.
क्या बिहार में बदलने वाला है सियासी समीकरण?
इसके अलावा आपको बता दें कि तेज प्रताप यादव का यह वीडियो और उनके दावे बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आरजेडी में आंतरिक कलह और नीतीश कुमार के गठबंधन में अस्थिरता से सरकार पर संकट के बादल गहराने की संभावना है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पार्टी क्या रुख अपनाती है और तेजस्वी यादव और तेज प्रताप के बीच चल रहा पावर गेम किस दिशा में जाता है. First Updated : Sunday, 19 January 2025