झारखंड में मौत का मातम! जहरीली गैस बनी काल, हंसता-खेलता परिवार हुआ तबाह

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ही परिवार के तीन लोगों की जहरीली गैस के कारण असमय मौत हो गई. अब तक तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

झारखंड: झारखंड के हजारीबाग जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है. यह घटना कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद गांव की है जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की जहरीली गैस के कारण असमय मौत हो गई. यह घटना एक घर के भीतर बने सेप्टिक टैंक से जुड़ी है जहां जहरीली गैस के कारण एक महिला, उसके बेटे और देवर की जान चली गई. परिवार का एक अन्य सदस्य अभी जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है. इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है.

सेप्टिक टैंक का अवैध कारोबार

स्थानीय पुलिस के अनुसार इस घर में बने सेप्टिक टैंक का इस्तेमाल मलमूत्र के निष्पादन के बजाय अवैध रूप से महुआ शराब बनाने और उसे छिपाने के लिए किया जा रहा था. परिवार के सदस्यों ने टैंक के अंदर भारी मात्रा में शराब बनाने की कच्ची सामग्री जमा कर रखी थी. इस कारण रासायनिक प्रक्रिया हुई और टैंक के भीतर बेहद खतरनाक व जहरीली गैस का निर्माण हो गया.

पति की हालत नाजुक

अपनी आंखों के सामने पत्नी, बेटे और भाई को मरता देख चमेली देवी के पति ने भी बिना सोचे-समझे सेप्टिक टैंक के भीतर कदम रख दिया. उन्होंने तीनों को खींचकर बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन वह भी गैस के प्रभाव से अचेत होकर वहीं गिर पड़े. स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया.

हालत बेहद गंभीर

वर्तमान में उन्हें बेहद गंभीर और नाजुक स्थिति में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है.

अपनों को बचाने की कोशिश में गई तीन जानें

यह घटना तब हुई जब परिवार की महिला, चमेली देवी, सेप्टिक टैंक के भीतर जमा किए गए महुआ के जावा को बाहर निकालने के लिए नीचे उतरीं. टैंक के भीतर कदम रखते ही वहां मौजूद सघन जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वह तुरंत वहीं बेहोश होकर गिर पड़ीं. जब काफी देर तक चमेली देवी बाहर नहीं आई तो बाहर खड़े परिजनों को किसी अनहोनी का शक हुआ.

जान बचाने के लिए टैंक में लगाई छलांग

मां को बेसुध देख उनका बेटा तुरंत टैंक के भीतर उतरा लेकिन गैस का असर इतना तेज था कि वह भी पल भर में वहीं बेहोश हो गया. इसके बाद दोनों का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए चमेली देवी के देवर ने भी टैंक में छलांग लगा दी पर वह भी इस जहरीली गैस के चक्रव्यूह से बाहर नहीं आ सके. इस तरह अपनों को सुरक्षित बाहर निकालने की होड़ में एक के बाद एक तीन लोगों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई.

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