केजरीवाल ने Budget 2025 में निकाली कमियां, जानें किस बात को लेकर हुए खफा

Budget 2025: अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने उनके सुझावों को नजरअंदाज किया, जिनमें बचाए गए धन का उपयोग मध्यम वर्ग और किसानों के लिए करने की बात थी. केजरीवाल ने सरकार से इन मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Budget 2025: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर नाराजगी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अरबपतियों के कर्ज़ माफ करने की परंपरा को रोकने के उनके सुझाव को अनदेखा कर दिया. केजरीवाल ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल मध्यम वर्ग और किसानों के हित में किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

शनिवार को 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकारी खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर लोगों के ऋण माफ करने में चला जाता है, जबकि आम जनता को राहत नहीं मिलती. उन्होंने इस बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अपनी मुख्य मांगें भी गिनाईं.

केजरीवाल की मांगें और सरकार की अनदेखी

केजरीवाल ने कहा, "मैंने माँग की थी कि बजट में यह घोषणा की जाए कि आगे से किसी अरबपति का कर्ज़ माफ़ नहीं किया जाएगा. इस बचत से—

मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए होम लोन और व्हीकल लोन में छूट दी जाए.

किसानों के कर्ज़ को माफ़ किया जाए.

इनकम टैक्स और जीएसटी की दरों को आधा किया जाए.

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन सुझावों को मान लेती, तो देश के करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिलता, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट पेश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार आठवां बजट पेश किया. उन्होंने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा बढ़ाने और कर कानूनों को सरल बनाने जैसे सुधारों का प्रस्ताव रखा. मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सरकार ने 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी और कर स्लैब में बदलाव किए.

पीएम मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2025-26 को देश की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, "यह बजट न केवल देश की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि भविष्य की तैयारी करने में भी मदद करता है. यह आम जनता के हाथ में अधिक पैसा देने वाला बजट है."

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