उद्धव ठाकरे के साथ एक बार फिर धोखा? शिवसेना UBT के 4 पार्षद गायब, पुलिस में FIR!
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे कुछ पार्षद अचानक गायब हो गए हैं, इसलिए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है. हम KDMC में उनके पोस्टर लगाएंगे. ये लोग हमारे चिह्न पर जीते थे, मगर जीत के महज 24 घंटे बाद ही उन्होंने गद्दारी का रास्ता चुन लिया.

महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है. शिवसेना गुट ने अपने चार पार्षदों के अचानक संपर्क से बाहर होने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पार्टी का आरोप है कि ये पार्षद एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शिंदे गुट की शिवसेना KDMC में बहुमत के बेहद करीब पहुंच चुकी है. 122 सदस्यीय इस महानगरपालिका में सत्ता समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में तनाव बढ़ गया है.
KDMC में बहुमत की जंग तेज
KDMC में फिलहाल शिंदे गुट की शिवसेना के पास 53 नगरसेवक हैं, जिन्हें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पांच पार्षदों का समर्थन हासिल है. वहीं, राज्य स्तर पर शिंदे गुट की सहयोगी भाजपा के पास 50 पार्षद हैं. यदि MNS के पांचों पार्षदों के साथ-साथ शिवसेना के चार लापता पार्षद भी शिंदे गुट के साथ आ जाते हैं, तो यह आंकड़ा सीधे 62 तक पहुंच जाएगा, जो स्पष्ट बहुमत है.
शिवसेना में अंदरूनी संकट
शिवसेना के पास KDMC में कुल 11 पार्षद हैं, लेकिन इनमें से केवल सात ने ही कोंकण प्रादेशिक आयुक्त के समक्ष पंजीकरण कराया है. सूत्रों के मुताबिक, दो पार्षद शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जबकि दो अन्य पार्षद जिन्हें पार्टी लापता बता रही है. स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के चलते पहले MNS से आए थे और अब वापस उसी दल में जाने की संभावना जताई जा रही है.
संजय राउत का तीखा हमला
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि हमारे पार्षद गायब हैं. हम KDMC में पोस्टर लगाएंगे. वे हमारे चिह्न पर चुने गए थे, लेकिन जीत के 24 घंटे बाद ही उन्होंने अलग रास्ता चुन लिया. वे गद्दार हैं.
पुलिस में शिकायत और गुमशुदगी का केस
कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिवसेना के स्थानीय नेता शरद पाटिल ने शिकायत दर्ज कराई है. पार्टी नेताओं के अनुसार, संपर्क से बाहर चल रहे पार्षदों में मधुर म्हात्रे, कीर्ति ढोणे, राहुल कोट और स्वप्निल केने शामिल हैं. हालांकि, ठाणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन पार्षदों के खिलाफ कोई गुमशुदगी का मामला दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि माना जा रहा है कि वे अपनी मर्जी से कहीं गए हुए हैं.
ठाकरे भाइयों के बीच फिर बढ़ा तनाव?
इन घटनाओं के बाद सत्ताधारी महायुति और ठाकरे गुटों के बीच तनाव और गहराता दिख रहा है. शिवसेना ने MNS पार्षदों द्वारा शिंदे गुट को समर्थन दिए जाने पर नाराजगी जताई है. वहीं, एक वरिष्ठ मनसे नेता ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने शिवसेना को पहले ही सूचित कर दिया था कि यदि MNS ने शिंदे गुट का साथ नहीं दिया होता, तो उसके पार्षद शिवसेना में शामिल हो जाते.


