58 अश्लील वीडियो से भरा पेनड्राइव, पिस्तौल और 500 करोड़ की प्रॉपर्टी! नासिक बाबा का एपस्टीन स्टाइल स्कैंडल का हुआ भांडाफोड़

67 साल का अशोक खरात अब पुलिस के गिरफ्त में है. ये कोई आम आदमी नहीं है, बल्कि अपने आप को ज्योतिषी और दैवीय शक्तियों वाला बाबा बताता है और महिलाओं के साथ घिनौना काम करता है.

Sonee Srivastav

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक में एक बड़ा स्कैंडल सामने आया है. खुद को 'कैप्टन' कहने वाला 67 साल का अशोक खरात, जो ज्योतिषी और दैवीय शक्तियों वाला बाबा बनकर घूमता था, अब पुलिस की गिरफ्त में है. शुरू में एक महिला की शिकायत से मामला शुरू हुआ, लेकिन अब SIT की जांच में उसकी काली दुनिया की कई परतें खुल रही है. 

ढोंग का जाल और महिलाओं का शोषण

अशोक खरात खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताता था. वह महिलाओं से कहता कि वे पिछले जन्म में उसकी राधा थी. पूजा-पाठ के नाम पर वह तांबे का लोटा सिर पर रखवाता, मंत्र पढ़ता और नशीला पेड़ा या खास पानी पिलाता. इससे महिलाएं होश खो बैठती. परिवार वालों को बाहर रखकर वह केबिन में यौन शोषण करता. 

पुलिस को उसके ऑफिस बॉय से पूछताछ में 40 से ज्यादा महिलाओं के नंबर मिले. एक पेनड्राइव में 58 अश्लील वीडियो बरामद हुए, जिनमें हाई-प्रोफाइल महिलाओं के होने की आशंका है. अब पुलिस CDR जांच के लिए अनुमति मांग रही है.

500 करोड़ की संपत्ति का राज

जांच में पता चला कि खरात के नाम पर 52 संपत्तियां है, जिनमें 11 उसके नाम पर दर्ज है. ये नासिक, सिन्नर, गंगापुर और अहमदनगर में फैली है. कुल कीमत 500 करोड़ के आसपास बताई जा रही है.

कुछ जगहों पर संदिग्ध नाम भी मिले, जिनमें बड़े अफसरों के रिश्तेदारों के होने की बात है. आयकर विभाग अब बेनामी संपत्तियों की जांच कर रहा है. पिछले 15 सालों में उसने अंकशास्त्र और न्यूमरोलॉजी के नाम पर इतनी दौलत जोड़ी. 

शिर्डी में IAS अफसरों से गुप्त बैठक

गिरफ्तारी से ठीक तीन दिन पहले शिर्डी के एक होटल में तीन IAS अफसरों ने खरात से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, उसके करीबी 'विनोद' ने तीन अलग-अलग होटल बुक किए- एक में खरात, दूसरे में अफसर और तीसरे में बैठक. पुलिस अब इस कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है. 

अंधविश्वास का खेल और बड़ा नेटवर्क

खरात ने सिन्नर में ईशान्येश्वर महादेव मंदिर बनवाया और ट्रस्ट चलाया. मर्चेंट नेवी की कहानी और ज्योतिष के बहाने उसने राजनेताओं, अफसरों को फंसाया. उसके दरबार में कई बड़े लोग आते थे. हिरासत में भी उसने पुलिसकर्मियों का भविष्य बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने साफ कहा कि कानून के आगे कोई चमत्कार नहीं चलेगा.

SIT की सख्त कार्रवाई

नासिक क्राइम ब्रांच ने चालाकी से उसे पकड़ा. झूठी चोरी की खबर फैलाकर सर्च किया. अब SIT, जिसकी कमान IPS तेजस्वी सातपुते के पास है, पुणे और मुंबई के अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. उसके एजेंट दीपक लोंढे और नीरज भी जांच के दायरे में है. 

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