SSC Exam 2026: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) की ओर से कक्षा 10वीं की SSC परीक्षा 2026 के दौरान कई बार पेपर लीक की अफवाहें फैली. छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई, लेकिन बोर्ड ने बार-बार इन अफवाहों को खारिज किया है. खास तौर पर भूगोल विषय के पेपर को लेकर व्हाट्सएप पर साझा करने की खबरें आई, फिर भी बोर्ड का कहना है कि कोई असली लीक नहीं हुआ.
परीक्षा से ठीक एक दिन पहले सोलापुर जिले के सांगोला में मजबूत कमरे से भूगोल विषय के 50 प्रश्नपत्रों के बंडल चोरी हो गए. यह घटना 17 मार्च 2026 को हुई, जबकि भूगोल की परीक्षा 18 मार्च को थी. खबरों के अनुसार, चोरी हुए पेपर की तस्वीरें या कॉपी एक 50 सदस्यों वाले व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा शुरू होने से महज 20 मिनट पहले साझा की गई.
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और कुछ स्कूल अधिकारियों के नाम सामने आए. जांच में यह भी कहा गया कि इसमें नाबालिग की भूमिका हो सकती है, लेकिन MSBSHSE ने स्पष्ट किया कि चोरी के बावजूद पेपर छात्रों तक नहीं पहुंचा, क्योंकि परीक्षा शुरू होने से पहले ही बच्चे हॉल में बैठ चुके थे. इसलिए इसे असली पेपर लीक नहीं माना जा सकता.
एसएससी परीक्षा के दौरान गणित, मराठी जैसे विषयों के पेपर लीक होने की भी बाते आई. कुछ टेलीग्राम चैनल जैसे 'महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड 2026 पेपर' या 'महाराष्ट्रलीकर्स' पर पेपर साझा होने की शिकायते मिली. पुणे में एक एफआईआर भी दर्ज हुई, जहां दावा किया गया कि गणित के पार्ट-1 और पार्ट-2 के पेपर परीक्षा से पहले अपलोड किए गए थे.
बोर्ड सचिव डॉ. दीपक माली ने कहा कि जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि पेपर परीक्षा से पहले बाहर आया था. कई मामलों में पेपर परीक्षा खत्म होने के बाद अपलोड किए गए थे. बोर्ड का मानना है कि कुछ लोग छात्रों को ठगने के लिए फर्जी लीक का नाटक कर रहे हैं. कुछ लोगों ने निजी मैसेज से 600 रुपये के बदले पेपर देने का दावा किया, जो धोखाधड़ी का हिस्सा था.
इस साल एसएससी परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र शामिल हुए. लीक की अफवाहों से सभी छात्र परेशान हो गए, क्योंकि इससे मेहनत करने वालों का नुकसान होता है. बोर्ड ने शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है. विभिन्न अनियमितताओं के कारण 107 परीक्षा केंद्रों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
पुलिस जांच जारी है और बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर भरोसा न करें. परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. First Updated : Friday, 20 March 2026