TCS धर्मांतरण कांड में बड़ा खुलासा: AIMIM पार्षद के घर से मिली मुख्य आरोपी निदा खान, NIA जांच में जुटी
नासिक के टीसीएस कार्यालय से जुड़े धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. फरार मुख्य आरोपित निदा खान को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एआइएमआइएम पार्षद मतीन पटेल ने कथित तौर पर अपने ठिकाने पर छुपाकर रखा था.

नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय से जुड़े धमतांतरण और यौन शोषण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपित निदा खान को आखिरकार महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नासिक की अदालत में पेश किया.
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है, क्योंकि जांच के दौरान सामने आया है कि निदा खान को एआइएमआइएम के स्थानीय पार्षद मतीन पटेल ने कथित तौर पर छिपने में मदद की थी. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
AIMIM पार्षद मतीन पटेल पर गंभीर आरोप
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के एआइएमआइएम सभासद मतीन पटेल ने निदा खान को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया था. इसके बाद पुलिस ने मतीन पटेल को भी मामले में सहआरोपित बना लिया है. निदा खान इस केस में गिरफ्तार होने वाली आठवीं आरोपित है. इससे पहले सात अन्य आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.
महिलाओं पर धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि वह टीसीएस नासिक कार्यालय में काम करने वाली महिलाओं पर मतांतरण का दबाव बनाती थी. इसके साथ ही महिलाओं को हिजाब पहनने और इस्लामी परंपराओं का पालन करने के लिए भी कथित रूप से मजबूर किया जाता था. पुलिस का कहना है कि उसने पीड़िता के मोबाइल फोन पर धार्मिक रूप से प्रभावित करने वाले एप और यूट्यूब लिंक भी भेजे थे.
विदेश भेजने की साजिश की भी जांच
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि निदा खान मलेशिया के इमरान नामक व्यक्ति के संपर्क में थी. पुलिस को आशंका है कि उसके जरिए महिलाओं को विदेश भेजने की योजना बनाई जा रही थी. इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपितों के बैंक खातों में धन कहां से आ रहा था और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था.
एनआईए और एटीएस भी कर रही जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र एटीएस भी जांच में शामिल हो गई हैं. पुलिस को शक है कि निदा खान के कुछ आतंकी संगठनों से भी संपर्क हो सकते हैं. नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पिछले 27 दिनों से वह फरार थी और लगातार ठिकाने बदल रही थी.
गर्भवती होने का हवाला देकर मांगी थी अग्रिम जमानत
निदा खान ने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करते हुए खुद को गर्भवती बताया था. हालांकि अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद पुलिस ने गुरुवार देर रात छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से उसे गिरफ्तार किया. वह खेतों के बीच बने एक घर में अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थी.
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
निदा खान की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति भी गर्मा गई है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट ने एआइएमआइएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिरसाट का दावा है, “इम्तियाज जलील को निदा खान के ठिकाने की पूरी जानकारी थी और वह उसे संरक्षण दे रहे थे.
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, यह स्पष्ट है कि एआइएमआइएम सभासद ने निदा खान को पनाह देने में भूमिका निभाई है. हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन है. हम यह भी पता लगाएंगे कि क्या वे मतांतरण रैकेट में शामिल हैं या उसे बढ़ावा दे रहे हैं.


