'महिलाओं का आरक्षण चाहते हैं, लेकिन...' मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, जानिए क्या-क्या कहा
आज दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई विपक्ष बैठक के बाद महिला आरक्षण पर कांग्रेस के बयान सामने आया है. खरगे ने इस विधेयक को लेकर सरकार से कुछ मांग की है.

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने आज बुधवार 15 अप्रैल को महिला आरक्षण पर खुलकर बात की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन सरकार द्वारा विधेयक लाने के तरीके का वे पुरजोर विरोध कर रहे हैं.
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद बयान
इंडिया ब्लॉक की बैठक के तुरंत बाद खरगे ने कहा कि सभी विपक्षी दल महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा, “हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरीके से सरकार इस विधेयक को ला रही है, उसका हम विरोध करते हैं. यह पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित है.”
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को दबाने के लिए ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा कि विधेयक में परिसीमन (delimitation) को शामिल करने का तरीका गलत है.
परिसीमन और जनगणना पर सवाल
खरगे ने आगे कहा कि सरकार ने अभी तक जनगणना भी नहीं कराई है. फिर भी परिसीमन को विधेयक में जोड़ दिया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे संविधान की शक्तियां कार्यपालिका के हाथ में चली जा रही है.
उन्होंने कहा, “ज्यादातर शक्तियां जो संसद और संस्थाओं के पास होनी चाहिए, वे सरकार को दी जा रही हैं ताकि वह किसी भी समय परिसीमन बदल सके.” खरगे ने असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार पहले भी विपक्ष के साथ धोखा कर चुकी है.
#WATCH | Delhi | Following the INDIA bloc meeting, Congress President Mallikarjun Kharge says, "We all are in favour of the Women's Reservation Bill. But the way in which they have brought it, we have reservations about that. It is politically motivated. Just to suppress the… pic.twitter.com/wJtYNOlUGA
— ANI (@ANI) April 15, 2026
विपक्ष का एकजुट फैसला
खरगे ने बताया कि इंडिया ब्लॉक के सभी दल एकजुट हैं. उन्होंने कहा, “हम इस विधेयक का विरोध करेंगे, लेकिन हम महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं.” बता दें, विपक्षी दलों की बैठक दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई.
बैठक में महिला आरक्षण विधेयक और संसदीय सीटों के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई. सभी दलों ने फैसला लिया कि वे संसद में एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध करेंगे. खरगे ने जोर देकर कहा कि पहले के सभी संशोधनों को लागू किया जाना चाहिए.
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष की मांग
विपक्ष की मुख्य मांग है कि महिला आरक्षण विधेयक को बिना परिसीमन के लाया जाए. वे चाहते हैं कि सरकार पहले जनगणना पूरा करे और फिर सही तरीके से विधेयक पेश करे. खरगे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बहस तेज हो गई है. विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि वह राजनीतिक फायदे के लिए विधेयक का दुरुपयोग कर रही है.


