बिहार में मंत्रिमंडल का बंटवारा, सीएम सम्राट चौधरी के पास कुल 29 विभाग

सम्राट चौधरी ने बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सरकार की कमान संभाली और विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया. सरकार में विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव डिप्टी सीएम बने, जबकि अहम मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री के पास रखे गए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो गई है, जहां भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की कमान संभाल ली. उनके नेतृत्व में बनी सरकार में जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सरकार ने विभागों का बंटवारा भी कर दिया, जिसमें बीजेपी को 29 और जेडीयू को 18 विभाग मिले हैं.

सम्राट चौधरी के पास कौन से मंत्रालय?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास गृह विभाग समेत कई अहम मंत्रालय रखे हैं. उनके पास पथ निर्माण, राजस्व, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, कला एवं संस्कृति, सहकारिता, पर्यावरण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी हैं. इससे साफ है कि राज्य के प्रमुख प्रशासनिक और विकासात्मक क्षेत्रों की जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री के हाथ में रहेगी.

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और उच्च शिक्षा सहित कुल 10 विभाग सौंपे गए हैं. वहीं, दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव को ऊर्जा, वित्त, वाणिज्य, समाज कल्याण, खाद्य और ग्रामीण कार्य जैसे 8 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. इस बंटवारे से सरकार में दोनों सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है.

फिलहाल यह विभागीय व्यवस्था यथावत रहेगी, लेकिन संकेत मिले हैं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है. इससे सरकार में और नेताओं को शामिल करने की संभावना बनी हुई है.

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में एक नया इतिहास भी बना है, क्योंकि यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता राज्य का मुख्यमंत्री बना है. हालांकि पार्टी लंबे समय से सत्ता में सहयोगी रही है, लेकिन शीर्ष पद अब तक उसके पास नहीं था.

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर 

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी. उनके पिता शकुनी चौधरी भी सक्रिय राजनीति में रहे और विभिन्न दलों से जुड़े रहे. सम्राट चौधरी 1990 के दशक से राजनीति में सक्रिय हैं और 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं.

वह 2000 और 2010 में विधायक चुने गए और 2018 में बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद उनका कद लगातार बढ़ता गया. 2023 में उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और 2024 में एनडीए सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली. अब मुख्यमंत्री बनने के साथ ही उनके राजनीतिक सफर ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है.

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