उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे वाली रिबन काटने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला? देखें वीडियो
जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा गया कि वे एक एक कार्यक्रम के दौरान तिरंगे के रंगों वाली रिबन को काटने से इनकार कर देते हैं.

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का एक अनोखा फैसला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तिरंगे के रंगों वाली रिबन को काटने से इनकार कर दिया, जिसके कारण लोगों का ध्यान उनकी तरफ खींचा जा रहा है.
क्या हुआ था घटना?
बुधवार को श्रीनगर के कश्मीर हाट में दो दिवसीय हस्तशिल्प और हस्तकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन होना था. यह कार्यक्रम “Know Your Artisans” पहल का हिस्सा था. जब उमर अब्दुल्ला उद्घाटन के लिए पहुंचे तो उनके सामने केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टी (रिबन) दिखाई दी, जो भारतीय तिरंगे के रंगों जैसी लग रही थी. रिबन देखते ही उन्होंने रुक गए और रिबन काटने की परंपरा को नहीं अपनाया.
रिबन को सम्मान से रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने आयोजकों से कहा कि रिबन को काटने की बजाय खोल दें. उन्होंने खुद रिबन को सावधानी से खोला और आयोजकों को सौंपते हुए निर्देश दिया कि इसे सम्मान के साथ सुरक्षित रखा जाए. यह पूरा क्षण कैमरे में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. कई लोग इस फैसले को तिरंगे के प्रति सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं.
#WATCH | Srinagar | Jammu & Kashmir CM Omar Abdullah refuses to cut a tricoloured inaugural ribbon to mark the official opening of the two-day Handicrafts & Handloom Exhibition, instead asks the organisers to remove it and keep it safely pic.twitter.com/d2o6kYzKH2
— ANI (@ANI) April 15, 2026
कार्यक्रम में कौन-कौन था शामिल?
इस मौके पर उमर अब्दुल्ला के साथ उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सलाहकार नासिर असलम वानी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. रिबन वाली छोटी सी घटना के बावजूद कार्यक्रम समय पर जारी रहा. रिबन हटाने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया और बाकी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
सोशल मीडिया पर चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद लोग दो तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ इसे तिरंगे का सम्मान बताते हैं तो कुछ इसे प्रोटोकॉल का मामला मानते हैं. तिरंगे के रंगों का इस्तेमाल किसी भी सामान्य रिबन या सजावट में नहीं करना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सबसे ऊपर है.


