कोलकाता का अगला मेयर कौन? फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने बुलाई आज बड़ी बैठक
आज ममता बनर्जी ने दोपहर करीब 3 बजे एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें कोलकाता के नए मेयर के नाम पर चर्चा होगी. यह बैठक मेयर पद से TMC के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद किया जा रहा है.

कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर पद से तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोलकाता का अगला मेयर कौन होगा और क्या मौजूदा नगर निगम बोर्ड अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगा.
ममता बनर्जी ने बुलाई महत्वपूर्ण बैठक
इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को दोपहर तीन बजे अहम बैठक बुलाई है. यह बैठक ईएम बाइपास स्थित तृणमूल भवन में होगी, जिसमें पार्टी के पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं. राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नए मेयर के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.
शोभन चटर्जी के नाम की चर्चा तेज
पार्टी के अंदर पूर्व मेयर शोभन चटर्जी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस उनके नाम पर गंभीरता से विचार कर रही है. हालांकि शोभन चटर्जी फिलहाल पार्षद नहीं हैं, लेकिन नए नियमों के अनुसार शहर का कोई भी नागरिक मेयर बन सकता है. इसके लिए उसे छह महीने के भीतर पार्षद का चुनाव जीतना होगा.
हालांकि एक बड़ी चुनौती यह भी है कि मौजूदा नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होने वाला है. ऐसे में उनकी संभावित वापसी को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
नगर निगम बोर्ड पर भी संकट
फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है. राज्य सरकार ने निगम को पत्र भेजकर पूछा है कि मौजूदा बोर्ड को भंग क्यों न किया जाए. निगम प्रशासन से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है.
दूसरे नामों पर भी मंथन
तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता मानते हैं कि डिप्टी मेयर अतिन घोष या मेयर परिषद के किसी अनुभवी सदस्य को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. इसी मुद्दे पर पार्टी के भीतर मंथन जारी है. दिल्ली में होने वाली विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले ममता बनर्जी का यह फैसला कोलकाता की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है.


