सांसद बनना चाहती हैं ममता बनर्जी? यूसुफ की बरहामपुर सीट को लेकर बड़ा दावा, गांगुली-पठान को देनी पड़ी सफाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर नई चर्चा सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी संसद पहुंचने की तैयारी कर रही हैं. हालांकि पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान ने इसे लेकर सफाई दी है.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों लगातार हलचल देखने को मिल रही है. विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. शनिवार को भी एक ऐसी खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, जिसमें दावा किया गया कि ममता बनर्जी संसद पहुंचने की तैयारी कर रही हैं. हालांकि मामला बढ़ने के बाद खुद पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान को सामने आकर सफाई देनी पड़ी.
एक बंगाली अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि विधानसभा सीट हारने के बाद ममता बनर्जी अब लोकसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं. खबर के मुताबिक, उनकी नजर पश्चिम बंगाल की बरहामपुर लोकसभा सीट पर है, जहां से फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान सांसद हैं.
रिपोर्ट में कहा गया कि ममता बनर्जी ने सौरव गांगुली से यूसुफ पठान तक एक संदेश पहुंचाने का अनुरोध किया था. कथित तौर पर उनसे कहा गया था कि यूसुफ सांसद पद से इस्तीफा दे दें ताकि उपचुनाव में ममता बनर्जी मैदान में उतर सकें और संसद पहुंच सकें. खबर में यह भी दावा किया गया कि यूसुफ पठान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और अपनी सीट छोड़ने से मना कर दिया. रिपोर्ट सामने आते ही राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
विधानसभा चुनाव के बाद बढ़ी अटकलें
इस खबर को इसलिए भी गंभीरता से लिया गया क्योंकि हालिया विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी न केवल मुख्यमंत्री पद गंवा चुकी हैं, बल्कि अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से भी चुनाव हार गई थीं. ऐसे में उनके संसद जाने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यदि वह लोकसभा के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होती हैं तो उनकी राजनीतिक भूमिका फिर से मजबूत हो सकती है. इसी कारण यह खबर तेजी से सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में फैल गई.
सौरव गांगुली ने किया खंडन
मामला बढ़ता देख सबसे पहले सौरव गांगुली ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखित बयान जारी कर कहा कि खबर में किए गए दावे पूरी तरह गलत हैं. गांगुली ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी यूसुफ पठान तक कोई संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक मामले में मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाई और न ही किसी सांसद से सीट छोड़ने को लेकर कोई बातचीत की. उन्होंने कहा कि खबर में जो बातें उनके नाम से जोड़ी गई हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.
यूसुफ पठान ने भी वीडियो जारी कर दी सफाई
सौरव गांगुली के बयान के बाद यूसुफ पठान ने भी एक वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनसे सांसद पद छोड़ने के संबंध में कभी कोई चर्चा नहीं की है. पठान ने बताया कि हाल के दिनों में उनकी पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकें हुई हैं, लेकिन इस तरह का कोई विषय कभी सामने नहीं आया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें निराधार हैं और इससे अनावश्यक भ्रम फैल रहा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न तो उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया है और न ही किसी अन्य नेता ने उनके सामने ऐसा कोई प्रस्ताव रखा है.
पार्टी के भीतर बढ़ती चुनौतियां
हालांकि इस पूरे विवाद पर संबंधित नेताओं ने सफाई दे दी है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक को लेकर चर्चाएं अभी भी जारी हैं. पार्टी के कई नेताओं और विधायकों को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें सामने आती रही हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता से बाहर होने के बाद किसी भी दल के सामने संगठन को एकजुट बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है. इसी कारण पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.


