Manipur Violence : मणिपुर में बढ़ता जा रहा विवाद, प्रदेश में 30 जून तक इंटरनेट सेवा पर लगी पाबंदी

Manipur Violence : मणिपुर में 30 जून दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करना किसी भी तरह की भ्रामक सूचना को फैलने से रोकना है।

Nisha Srivastava

Manipur Violence : भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। राज्यों लगातार सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। हिंसा को लेकर रविवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में चर्चा हुई।

वहीं हिंसा पर काबू पाने के लिए मणिपुर में 30 जून दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करना किसी भी तरह की भ्रामक सूचना को फैलने से रोकना है। प्रदेश बढ़ रहे विवाद के बीच यह निर्णय लिया गया है।

सीएम एन बीरेन का बयान

गृह मंत्री अमति शाह से मुलाकात के बाद सीएम सीएम एन बीरेन सिंह ने जानकारी दी कि राज्य और केंद्र सरकार हिंसा पर नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल हुई है। सीएम ने यह मुलाकात दिल्ली में स्थित गृह मंत्री के आवास पर की। आपको बता दें कि इससे पहले अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति को लेकर सर्वदलीय बैठक की थी। इस बैठक में 18 राजनीतिक दल, पूर्वोत्तर के चार सांसद और क्षेत्र के दो सीएम शामिल हुए थे।

क्या है हिंसा की वजह

मणिपुर के और कुकी समुदायों के बीच एक महीने पहले विवाद शुरू हुआ। जिसका कारण था मेइती समुदाय ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में जनजातीय एकजुटता मार्च निकाला। जिसके बाद 3 मई को पहली बार झड़प हुई। इस दौरान करीब 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

वहीं आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को निकालने से पहले तनाव कि स्थिती उत्पन्न हुई और कई छोटे-छोटे आंदोलन भी हुए। प्रदेश में अबतक विवाद नहीं थमा है। साथ ही उग्रवादियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

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