'संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब', LPG संकट को लेकर कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, PM मोदी को ठहराया जिम्मेदार

ईरान युद्ध के चलते भारत में LPG गैस की भारी कमी हो गई है. ऐसे में कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए संसद के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान उन्होंने इसका जिम्मेदार पीएम मोदी को ठहराया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के चलते देश में रसोई गैस (LPG) की भारी कमी हो गई है. इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस संकट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे जिम्मेदार ठहराया. 

उन्होंने सोशल मीडिया पर पीएम पर तंज कसते हुए लिखा कि संसद से नरेंद्र गायब हैं और देश से सिलेंडर गायब हो गए हैं. यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

विपक्षी दलों का संसद के बाहर हंगामा

गुरुवार को संसद भवन के मकर द्वार के पास कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद इकट्ठा हुए. उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए और 'मोदी जी एलपीजी' जैसे स्लोगन चिल्लाए. प्रदर्शनकारियों ने गैस सिलेंडर की शक्ल वाली तख्तियां भी उठाई, जिन पर एलपीजी संकट की समस्या लिखी थी. 

राहुल गांधी खुद इस विरोध में शामिल हुए और उन्होंने मीडिया से बातचीत में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. विपक्ष का कहना है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार ने समय पर कोई कदम नहीं उठाया.

राहुल गांधी का PM पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने तस्वीरें साझा की और प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया. उन्होंने लिखा, 'संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब'. संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा कि पीएम लोगों से कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन खुद अलग-अलग वजहों से घबरा रहे हैं. 

उन्होंने अदाणी मामले और 'एप्सटीन फाइल' का जिक्र करते हुए दावा किया कि मोदी संसद में आने से कतरा रहे हैं. राहुल का आरोप है कि प्रधानमंत्री जनता से कहते हैं कि सब ठीक है, लेकिन खुद डर के मारे सदन से दूर हैं. इस बयान से विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है.

LPG संकट पर PM मोदी का बयान 

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी संकट पर बयान दिया था. उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराएं नहीं और केवल सही जानकारी फैलाएं. पीएम ने आश्वासन दिया कि सरकार जनहित की रक्षा करेगी और स्थिति पर काबू पा लेगी. हालांकि, विपक्ष इसे खोखला बता रहा है. 

ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ी है, जिससे भारत में रसोई गैस की उपलब्धता कम हो गई है. कई शहरों में लोग घंटों लाइन में लग रहे हैं और कीमतें भी आसमान छू रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट जल्द हल नहीं होगा, क्योंकि वैश्विक आपूर्ति प्रभावित है.

यह घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है. विपक्ष एलपीजी संकट को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार पर दबाव बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे वैश्विक समस्या बता रहा है. 

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