नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब तक नहीं सीखा सबक

नीट पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपना लिया है। इस मामले में दायर याचिक पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है।

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Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी मामले को लेकर दायर याचिकाओं  पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने इस मामले पर NTA की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'बेहद दुखद है कि उन्होंने अभी तक सबक नहीं सीखा है।' कोर्ट ने एनटीए से भी जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा है कि कोर्ट के आदेश पर बनाई गई निगरानी समिति का क्या हुआ, उसकी रिपोर्ट कहां है। आपको बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद दायर याचिकाओं में एनटीए को हटाने, पेपर कंप्यूटर आधारित करने और कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा करवाने की मांग की गई है। 

कोर्ट की देख-रेख में कमेटी बनाने की मांग 

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने नीट यूजी 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। एसोसिएशन ने यह काम दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है। याचिकाकर्ता इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट से रिटायर जज की कमेटी बनाने की मांग कर रहे हैं। इस कमेटी में रिटायर जज के अलावा साइबर एक्सपर्ट और एक फोरेंसिक साइंटिस्ट भी शामिल करने की बातक ही गई है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि जब तक स्वतंत्र परीक्षा संस्था औपचारिक रूप से नहीं बन जाती तब तक न्यायिक समिति की निगरानी में नीट की दोबारा परीक्षा कराई जाए। सेंटर वाइज रिजल्ट सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई है। 

डिजिटल लॉकिंग और ऑनलाइन एग्जाम 

पेपर लीक के खतरे को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रश्न पत्र की डिजिटल लॉकिंग की जाए। इसके अलावा इस परीक्षा को ऑनलाइन कराने की पूर जोर मांग की जा रही है। याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिश के बारे में स्टेटस बताते हुए एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया है 

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