पीएम मोदी का विपक्ष को कड़ा संदेश, युवाओं के लिए जताई चिंता, '56 साल के युवा' पर कसा तीखा तंज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी तरफ संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा सियासी संदेश दिया.

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है. सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को देखते हुए इस सत्र के बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी तरफ संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा सियासी संदेश दिया. उन्होंने देश की युवा शक्ति की सराहना करने के साथ ही बिना किसी का नाम लिए '56 साल के युवा' पर तीखा तंज कसा.
'56 साल के नौजवान' वाले बयान से गरमाई सियासत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारतीय स्टार्ट-अप्स द्वारा हासिल की गई हालिया सफलताओं का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक कामयाबी को हासिल करने वाली टीम के नौजवानों की औसत उम्र केवल 28 साल है. इस उपलब्धि की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने चुटकी ली और कहा, ऐसे नौजवानों ने यह काम किया है, मैं किसी 56 की उम्र वाले नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं. हालांकि पीएम ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जोड़कर देखा जा रहा है, जो वर्तमान में 56 वर्ष के हैं.
तथ्यों और तर्कों की जरूरत
प्रधानमंत्री ने इस सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष से सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि मानसून और मानसून सत्र, दोनों ही जब प्रो-एक्टिव और प्रोडक्टिव होते हैं, तभी देश का कल्याण होता है. सदन में होने वाले व्यवधान पर बोलते हुए उन्होंने विपक्ष को एक खास सलाह दी. पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि जहां तर्क और पुख्ता तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं होती. अगर आपके पास सही तथ्य हैं, तो आप शांत रहकर भी अपनी बात को प्रभावी ढंग से सदन के सामने रख सकते हैं.
अंतरिक्ष जैसी असीम हैं युवाओं की महत्वाकांक्षाएं
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे हर देशवासी गर्व से भरा हुआ है. पिछले साल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर भारतीय नागरिक की मौजूदगी और हाल ही में युवाओं के नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप की बड़ी सफलता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है. यह इस बात का मजबूत संदेश है कि भारतीय युवाओं की क्षमताएं और उनकी आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह ही असीम हैं. उन्होंने युवाओं के इस बढ़ते आत्मविश्वास को देश की असली ताकत बताया.
वैश्विक संकट के बीच मजबूत होती भारतीय अर्थव्यवस्था
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी युद्ध और तनाव पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी की हैं. ऊर्जा, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन में कई रुकावटें आईं. इन तमाम वैश्विक दबावों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत की. देश की इस अंदरूनी ताकत का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने हाल ही में देश को समर्पित की गई राजस्थान की बड़ी ऑयल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और दुनिया की सबसे लंबी व सबसे ताकतवर इंजन वाली 'ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन' का विशेष रूप से उल्लेख किया.


