सेवा तीर्थ में PM मोदी की कैबिनेट की पहली बैठक आज, जानिए हर मंत्री को क्यों देनी पड़ती है एक 'गुड न्यूज'?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग सिर्फ एजेंडे तक सीमित नहीं रहतीं. ये मीटिंग एक तरह का खुला मंच बन जाती हैं, जहां पूरी टीम साथ बैठकर सप्ताह भर की सबसे अहम घटनाओं पर खुलकर बात करती है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में केंद्रीय कैबिनेट की पहली मींटिग मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू होने वाली है. यह नए भवन में कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय दोनों ही नए परिसर में पूरी तरह शिफ्ट हो चुके हैं. 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद ही पीएमओ नए भवन 'सेवा तीर्थ' में स्थानांतरित हो गया था.

सूत्रों के अनुसार, साउथ ब्लॉक की आखिरी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ी कई यादों को साझा किया और मंत्रियों को स्वतंत्र भारत के शुरुआती दिनों की कैबिनेट बैठकों के बारे में बताया. नए कार्यालय में होने वाली इस पहली बैठक से न केवल प्रशासनिक सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि दिल्ली के केंद्रीय क्षेत्र में वीवीआईपी आवागमन से होने वाले ट्रैफिक जाम में भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

साउथ ब्लॉक की आखिरी मीटिंग में पुरानी यादें ताजा

साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को बताया कि स्वतंत्रता के बाद पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पहली चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में हुई थीं. उन्होंने आजादी के बाद साउथ ब्लॉक में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसलों को याद किया. साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश के चार बड़े युद्धों की रणनीति साउथ ब्लॉक के वॉर रूम में ही तैयार की गई थी.

कैबिनेट मीटिंग में सिर्फ एजेंडा...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट बैठकों की एक खासियत यह है कि इनमें केवल एजेंडे पर ही चर्चा नहीं होती. प्रधानमंत्री सप्ताह भर के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर मंत्रियों से विचार-विमर्श करते हैं, फीडबैक लेते हैं और सुझाव मांगते हैं. उनकी अपेक्षा रहती है कि हर मंत्री बैठक में कोई न कोई 'गुड न्यूज' सभी के साथ साझा करें.

मंत्रालय की उपलब्धि या व्यक्तिगत खुशी, दोनों स्वीकारमंत्री इस गुड न्यूज को अपने मंत्रालय की उपलब्धियों के रूप में साझा कर सकते हैं या फिर यह व्यक्तिगत भी हो सकती है. कई बार ऐसी प्रेरक घटनाएं भी बताई जाती हैं जो अन्य मंत्रियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं. उदाहरण के तौर पर एक वरिष्ठ मंत्री ने गुड न्यूज के रूप में बताया था कि कैसे उन्होंने घाटे में चल रहे एक सरकारी उपक्रम को कुछ ही महीनों में कायाकल्प कर सौ करोड़ रुपये के मुनाफे में ला दिया.

पिता बनने की खुशखबरी

व्यक्तिगत गुड न्यूज का एक उल्लेखनीय उदाहरण पिछले साल का है, जब नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों को बताया कि वे पिता बन गए हैं और उन्हें बेटा हुआ है. इस खबर पर प्रधानमंत्री समेत सभी मंत्रियों ने उन्हें बधाई दी थी.

आम लोगों के जीवन में बदलाव वाली खबरें भी साझाकई मंत्री गुड न्यूज के तौर पर ऐसे फैसलों की जानकारी देते हैं जिनसे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे, शिक्षा और आईटी जैसे मंत्रालयों से जुड़ी बड़ी उपलब्धियां अक्सर कैबिनेट बैठकों में इसी रूप में साझा की जाती हैं.

सेवा तीर्थ में नई सुविधाएं और ट्रैफिक से राहत

सेवा तीर्थ में अब कैबिनेट सचिवालय भी शिफ्ट हो गया है, जो पहले राष्ट्रपति भवन परिसर में था. इससे प्रशासनिक कामकाज में अधिक सुविधा मिलेगी. सेवा तीर्थ के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी निर्माणाधीन है. इसके पूरा होने के बाद नया संसद भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, आवास और सभी महत्वपूर्ण मंत्रालय एक-दो किलोमीटर के दायरे में आ जाएंगे, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिल सकेगी.

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