पीएम मोदी ने AI समिट का किया उद्घाटन, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने संबोधन में की भारत की सराहना

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बुधवार को आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी ने किया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बुधवार को आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी ने किया. इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों और तकनीकी क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों ने भाग लिया. कार्यक्रम में इमैनुएल मैक्रों, लूला डी सिल्वा, एंटोनियो गुटेरेस सहित अनेक गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं. 

100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर AI के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है. इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो इस आयोजन को अब तक के सबसे बड़े AI सम्मेलनों में से एक बनाता है. इसके अलावा, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी सम्मेलन में शामिल हुए.

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या कहा?

अपने संबोधन में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना की. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले जिन लोगों के पास बैंक खाता या पहचान पत्र नहीं होता था, आज वही लोग मोबाइल फोन के जरिए डिजिटल भुगतान कर रहे हैं. मैक्रों ने कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान प्रणाली तैयार कर दुनिया के सामने एक अनूठा मॉडल पेश किया है. उन्होंने भारत के डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य पहचान कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की और कहा कि ये पहल तकनीक को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह आयोजन ग्लोबल साउथ के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है. उन्होंने बताया कि इस मंच पर 118 देशों की भागीदारी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दुनिया भारत को AI के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देख रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. सरकार का लक्ष्य तकनीक को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाना है.

क्या बोले अश्विनी वैष्णव?

अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि सरकार ने सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से एक साझा कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया है. इसके तहत स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और छात्रों को 38,000 GPUs तक सस्ती दरों पर पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही इसमें 20,000 अतिरिक्त GPUs जोड़े जाएंगे. उन्होंने AI के संभावित जोखिमों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के विकास के साथ सुरक्षा और नैतिकता को प्राथमिकता देना आवश्यक है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI का विकास मानव हितों को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए.

कार्यक्रम में एन चंद्रशेखरन ने भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां लोग नई तकनीकों को लेकर आशावादी हैं. उन्होंने कहा कि भारत का विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पहचान प्रणाली दुनिया के लिए एक उदाहरण है. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है.

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