पीएम मोदी आज एआई शिखर सम्मेलन को करेंगे संबोधित, फ्रांस के राष्ट्रपति प्रमुख वक्ताओं में शामिल
पीएम मोदी गुरुवार को आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे. इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र से जुड़े 500 से अधिक वैश्विक विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे. उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र से जुड़े 500 से अधिक वैश्विक विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे. उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस अवसर पर इमैनुएल मैक्रॉन और एंटोनियो गुटेरेस भी अपने विचार रखेंगे.
एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे पीएम
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह लगभग 9:40 बजे उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे और विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए पवेलियन का निरीक्षण करेंगे. प्रधानमंत्री का दिन भर का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा. वह दोपहर करीब 12 बजे नेताओं के पूर्ण सत्र में शामिल होंगे, जहां विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि एआई से जुड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे. इस दौरान एआई गवर्नेंस, डिजिटल अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा. इसके बाद शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री सीईओ गोलमेज बैठक में भाग लेंगे, जिसमें दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी निवेश, अनुसंधान, आपूर्ति श्रृंखला और एआई के उपयोग से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे.
नई दिल्ली में 16 फरवरी को शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी देखी जा रही है. इसमें 500 से अधिक एआई विशेषज्ञ, लगभग 100 स्टार्टअप संस्थापक और सीईओ, 150 से ज्यादा शिक्षाविद और शोधकर्ता, और 400 से अधिक तकनीकी अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा, 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि, जिनमें 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और लगभग 60 मंत्री व उपमंत्री शामिल हैं भी इस आयोजन का हिस्सा बने हैं.
हालांकि, इस आयोजन को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने इसे 'जनसंपर्क का तमाशा' बताते हुए आरोप लगाया कि सम्मेलन में विदेशी, विशेष रूप से चीनी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है. इस विवाद के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत की प्रतिभा और डेटा का सही उपयोग करने के बजाय इस आयोजन को प्रचार का माध्यम बना दिया गया है. विवाद तब और बढ़ गया जब नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय को एआई एक्सपो में अपने स्टॉल को हटाने के निर्देश दिए गए.
प्रधानमंत्री मोदी ने साक्षात्कार में क्या कहा?
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बड़ी प्रगति करने की क्षमता रखता है. उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और एआई का संयोजन समावेशी विकास को नई दिशा दे सकता है. उनके अनुसार, एआई के माध्यम से सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, सेवाओं की डिलीवरी बेहतर होगी और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सकेगा. सम्मेलन को मिल रही व्यापक प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाकर 21 फरवरी तक कर दी है.


