वैश्विक संकट पर पीएम मोदी की चेतावनी, कहा ‘आपदाओं का दौर चल रहा है’

पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह दशक मानवता के लिए चुनौतियों से भरा रहा है। पहले कोरोना महामारी आई, फिर युद्ध शुरू हो गए।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: दुनिया में चल रहे युद्धों और तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा दशक को आपदाओं का दौर बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो पिछले कई दशकों की मेहनत और विकास नष्ट हो सकता है। साथ ही दुनिया की बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में फंस सकती है।

नीदरलैंड्स में भारतीय समुदाय से की बात   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह दशक मानवता के लिए चुनौतियों से भरा रहा है। पहले कोरोना महामारी आई, फिर युद्ध शुरू हो गए।

तब से दुनिया लगातार तेल संकट से जूझ रही है। धीरे धीरे यह दौर वैश्विक आपदाओं का दशक बनता जा रहा है। पीएम ने कहा कि अगर इन परिस्थितियों को जल्द नहीं बदला गया तो बीते दशकों की उपलब्धियां खत्म हो जाएंगी।

यूक्रेन से ईरान तक, युद्धों ने बढ़ाई मुश्किल   

यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका के तनाव ने दुनिया के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। करीब 40 दिनों के युद्ध के बाद ईरान में फिलहाल शांति है। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब भी ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। इससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है और ऊर्जा संकट गहरा गया है। अमेरिका और ईरान दोनों जीत का दावा कर रहे हैं। ऐसे में होर्मुज का जल्द खुलना मुश्किल लग रहा है।

ऊर्जा संकट के बीच पीएम की देशवासियों से अपील   

लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए मई के पहले हफ्ते में सरकार ने लोगों से ऊर्जा बचाने की अपील की थी। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि लोग जहां तक संभव हो घर से काम करें और जरूरी न हो तो विदेश यात्रा से बचें। उन्होंने ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा की बचत को देशभक्ति से जोड़ा।

सोने की खरीद पर नियंत्रण की सलाह   

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों में सोने को लेकर खास उत्साह रहता है। भारत हर साल अरबों डॉलर का सोना आयात करता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। उन्होंने अपील की कि अगले एक साल तक कोई भी कार्यक्रम हो, सोना न खरीदें। इसके बाद सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी है।

तेल बचाने के लिए सुझाए उपाय   

भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल और गैस बाहर से मंगाता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार खर्च होता है। पीएम ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल और घर से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कोविड के समय को याद दिलाया जब वर्क फ्रॉम होम आम हो गया था। इसके बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम तीन रुपये बढ़ा दिए। सीएनजी के दाम भी एक रुपये बढ़े।

विदेश यात्रा कम करने का आग्रह   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीयों से विदेश यात्राएं कम करने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत में ही कई खूबसूरत जगहें हैं। पहले देश में घूमना शुरू करें। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव नहीं पड़ेगा। पीएम ने कहा कि युद्ध के दुष्प्रभाव कम करने के लिए हमें सिर्फ उतना ही उपयोग करना चाहिए जितनी जरूरत हो।

ईरान और अमेरिका में तनाव बरकरार   

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका लगातार संकेत दे रहा है कि वह फिर से ईरान पर हमला कर सकता है। दूसरी ओर ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

तेहरान ने साफ कहा है कि हमला हुआ तो इस बार पलटवार और भयानक होगा। अगर युद्ध फिर शुरू हुआ तो होर्मुज बंद होने के साथ खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्र भी प्रभावित होंगे। यह स्थिति पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।

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