राहुल गांधी ने हद की पार... पीएम मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी पर बीजेपी ने घेरा, की माफी की मांग

राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. धर्मेंद्र प्रधान, गौरव वल्लभ और सुधांशु त्रिवेदी ने इसे छठ महापर्व और भारतीय संस्कृति का अपमान बताया. भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राजनीतिक हताशा में अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है. केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी का बयान सार्वजनिक शिष्टाचार और राजनीतिक मर्यादा की सीमाओं को लांघता है. उन्होंने इसे अपमानजनक और असंवेदनशील बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को बिहार और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी ने छठ महापर्व जैसे पवित्र अवसर और प्रधानमंत्री मोदी जैसे लोकप्रिय नेता के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह बेहद शर्मनाक है. यह बयान केवल प्रधानमंत्री के नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के भी अपमान के बराबर है.

राहुल गांधी के बयान पर क्यों मचा घमासान?

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि राहुल गांधी का यह रवैया उनकी सनातन संस्कृति के प्रति नफरत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कांग्रेस की गहरी नाराजगी को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक हताशा और हार के डर से प्रेरित होकर यह बयान दे रहे हैं. यही मानसिकता पहले भी प्रधानमंत्री और उनकी माताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों में दिख चुकी है.

प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के गठबंधन ने हमेशा ‘जंगलराज’ को बढ़ावा दिया है, जिससे बिहार के गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की आकांक्षाओं को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब विकास और सुशासन चाहती है, न कि वंशवाद और नफरत की राजनीति.

हताशा बोल रही है राहुल गांधी से

भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने राहुल गांधी के बयान को उनकी हताशा का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी आने वाली हार दिखाई दे रही है, इसलिए वे अभद्र भाषा का सहारा ले रहे हैं. जल्द ही वे प्रधानमंत्री के परिवार के खिलाफ भी ऐसी भाषा इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और आरजेडी की राजनीति में गाली-गलौज और अपमानजनक बयानबाजी आम हो चुकी है.

वल्लभ ने कहा कि हम बिहार में मखाना बोर्ड, शिक्षा सुधार और पलायन कम करने की बात कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस और आरजेडी केवल नफरत फैलाने में लगी हैं. उनकी यह हताशा कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार का संकेत है.

सुधांशु त्रिवेदी ने छठ पर्व का अपमान बताया

भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा, “राहुल गांधी ने विदेश यात्राओं के दौरान भारत के खिलाफ बयान दिए और अब बिहार में आकर भारत की संस्कृति के सबसे बड़े पर्व ‘छठ पूजा’ को ‘ड्रामा’ बताया. यह न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है.

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि मोदी वोट के लिए कुछ भी कर सकते हैं, यहां तक कि नाच भी सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिहार की नीतीश कुमार सरकार को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चला रही है.

राहुल ने कहा था कि मोदी जी छठ पूजा के लिए यमुना में डुबकी लगाने जा रहे थे, लेकिन जब पता चला कि पानी गंदा है, तो कृत्रिम गड्ढे में साफ पानी भरवाया गया. यही ‘ड्रामा’ भाजपा की राजनीति है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर आप उनसे कहेंगे कि वोट के लिए नाचिए, तो वे भरतनाट्यम करने लगेंगे.

बिहार में नई सरकार बनेगी

राहुल गांधी ने दावा किया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में नई सरकार बनेगी, जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर सबके हित में काम करेगी. उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतीश सरकार भाजपा के नियंत्रण में है और बिहार की जनता की परवाह नहीं करती. राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देने की चुनौती भी दी, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि मोदी ने अमेरिकी दबाव में ऑपरेशन सिंदूर को रोका था.

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