राजस्थान में दूल्हे की हुई ऐसी एंट्री, देखकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के भोड़की गांव से निकली एक अनोखी बारात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जहां दूल्हा जितेंद्र महला अपनी बारात लेकर 21 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ ससुराल पहुंचा है. 

Yashika Jandwani

जयपुर: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक किसान परिवार की शादी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.  बता दें, जहां आजकल शादियों में लग्जरी कारों, महंगी बग्घियों और चमचमाते काफिलों का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है. वहीं गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के भोड़की गांव से निकली एक अनोखी बारात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जहां दूल्हा जितेंद्र महला अपनी बारात लेकर 21 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ ससुराल पहुंचा है. 

कहां से निकली बारात 

सोमवार को भोड़की गांव से भड़ौंदा गांव के लिए निकली इस बारात की सबसे खास बात यह रही कि सबसे आगे चल रहे ट्रैक्टर की स्टेयरिंग खुद दूल्हे जितेंद्र महला ने संभाली हुई थी. इस बीच पारंपरिक साफा पहनकर ट्रैक्टर चलाते दूल्हे का अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. बता दें, हाईवे और गांवों से गुजरते समय राहगीरों ने अपने वाहन रोककर इस अनोखी बारात को देखा. इसके साथ ही कई  लोगों ने अपने मोबाइल फोन इसकी वीडियो रिकॉर्ड करने के साथ-साथ तस्वीरें भी खींची है. 

घोड़ी और ऊंट भी हुए शामिल 

बारात में शामिल 21 ट्रैक्टरों को खासतौर पर सजाया गया था. इसके साथ ही घोड़ी और ऊंट भी बारात का हिस्सा बने, जिन्हें ग्रामीण परंपरा के अनुसार सजाया गया था. यही वजह है कि इस पूरे समारोह में ग्रामीण संस्कृति और किसान जीवन की झलक साफ दिखाई दे रही थी. मेहमानों के लिए देसी खानपान और पारंपरिक ग्रामीण शैली में भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसने लोगों का दिल जीत लिया.

क्यों निकाली ट्रैक्टर में बारात 

दूल्हे के पिता भारमल महला ने बताया कि उनका परिवार पूरी तरह खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है. परिवार के अधिकांश रिश्तेदार और परिचित भी किसान हैं. ऐसे में उन्होंने शादी में दिखावे और फिजूलखर्ची से दूर रहते हुए ग्रामीण संस्कृति को प्राथमिकता देने का फैसला किया. उनका कहना है कि ट्रैक्टर गांव और किसान की असली पहचान है, इसलिए बारात में ट्रैक्टरों का उपयोग किया गया. उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों और परिचितों के पास पहले से ट्रैक्टर उपलब्ध थे, जिसके चलते शादी में करीब एक लाख रुपये तक की बचत हुई. वहीं यह अनोखी ट्रैक्टर बारात अब पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बनी हुई है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो