लोकसभा में राहुल गांधी पर बरसे रवि शंकर प्रसाद, कहा- 'PM से कभी समझौता नहीं किया जा सकता'

लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव अहंकार की राजनीति का परिणाम है, जबकि राहुल गांधी ने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: संसद में उस समय माहौल गरमा गया जब लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की गरिमा बनाए रखने में असफल रहा है और यह प्रस्ताव किसी वास्तविक मुद्दे के बजाय राजनीतिक अहंकार का परिणाम है. रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव गंभीर चिंताओं से प्रेरित नहीं है.

रवि शंकर प्रसाद के मुताबिक, इसका उद्देश्य केवल किसी नेता के अहंकार को संतुष्ट करना है. उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि संसदीय प्रक्रियाओं का इस्तेमाल व्यक्तिगत राजनीतिक लड़ाई के लिए नहीं किया जाना चाहिए. प्रसाद ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले प्रस्ताव जैसे संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी का बचाव

रवि शंकर प्रसाद ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जोरदार बचाव किया. उन्होंने राहुल गांधी की उन टिप्पणियों को गलत बताया जिनमें प्रधानमंत्री के कथित समझौतों का जिक्र किया गया था. उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह के आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है. प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के साथ किसी तरह का समझौता संभव नहीं है और ऐसे आरोप राजनीतिक लाभ के लिए लगाए जा रहे हैं.

संसद के पुराने घटनाक्रम का भी किया जिक्र

अपने भाषण में रवि शंकर प्रसाद ने संसद के पिछले वर्षों के कुछ विवादित घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में 11 सांसदों को निष्कासित किया गया था. उन्होंने एक और घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कभी सदन के अंदर काली मिर्च फेंकने जैसी घटना भी सामने आई थी. प्रसाद का कहना था कि इन गंभीर घटनाओं के बावजूद उस समय इतना बड़ा राजनीतिक नाटक या विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ था जैसा आज देखा जा रहा है.

राहुल गांधी का जवाब

इस बहस की शुरुआत में राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि उन्हें कई बार संसद में बोलने से रोका गया. उन्होंने कहा कि जब भी वे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें बीच में रोक दिया जाता है. राहुल गांधी ने कहा कि पिछली बार उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े कुछ बुनियादी सवाल उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.

राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय पर भी आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है. उनके अनुसार, संसद केवल एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पूरे देश की संस्था है. उन्होंने कहा कि संसद देश के करोड़ों लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करती है. इसलिए यहां हर पक्ष को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो