RG Kar rape Case: संजय रॉय को अब जेल में करना होगा कड़ी मेहनत, मांगा नोटपैड और पेन

आरजी कर अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी संजय रॉय अब प्रेसीडेंसी जेल में कठोर श्रम करेंगे. 23 अगस्त 2024 से जेल में बंद रॉय को हाल ही में कुछ घंटों के लिए सेल से बाहर आने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने नोटपैड और पेन की मांग कर सबका ध्यान खींचा.

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RG Kar Case: आरजी कर अस्पताल के प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले में दोषी ठहराए गए नागरिक पुलिस स्वयंसेवक संजय रॉय को प्रेसीडेंसी सेंट्रल जेल में कठोर श्रम की सजा सुनाई गई है. ममता बनर्जी सरकार ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल, रॉय को आजीवन कारावास की सजा दी गई है और वह 23 अगस्त 2024 से प्रेसीडेंसी जेल में बंद हैं.

नोटपैड और पेन की मांग ने खींचा ध्यान

आपको बता दें कि हाल ही में संजय रॉय को कुछ घंटों के लिए अपने सेल से बाहर आने की अनुमति दी गई. इस दौरान उन्होंने जेल प्रशासन से नोटपैड और पेन की मांग की. जेल अधिकारियों ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए करेंगे. जेल नियमों के तहत यह सुविधा उन्हें प्रदान की जा सकती है.

105 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर करेंगे काम

वहीं आपको बता दें कि अब रॉय को जेल के अंदर कड़ी मेहनत करनी होगी. चूंकि वह अकुशल श्रमिक हैं, उन्हें बागवानी जैसे काम सौंपे जा सकते हैं. इसके लिए उन्हें 105 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाएगी, जो उनके जेल खाते में जमा की जाएगी. जेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रॉय को पहले प्रशिक्षु के रूप में काम सिखाया जाएगा और फिर उनसे काम लिया जाएगा.

कठोर सुरक्षा के बीच रखा गया

इसके अलावा आपको बता दें कि रॉय को प्रेसीडेंसी जेल के हाई-सिक्योरिटी पोइला बैश ब्लॉक के सेल नंबर 6 में रखा गया है. उनके सेलमेट्स में स्कूल जॉब घोटाले के आरोपी पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, अमेरिकन सेंटर हमले के दोषी आफताब अंसारी और जमालुद्दीन नासर शामिल हैं. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष गार्ड तैनात किए गए हैं.

जेल में श्रमिकों की मजदूरी का प्रावधान

हालांकि जेल नियमों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों को 105 रुपये प्रतिदिन, अर्ध-कुशल श्रमिकों को 120 रुपये और कुशल श्रमिकों को 135 रुपये की मजदूरी दी जाती है. यह राशि कैदी के जेल खाते में जमा कर दी जाती है, जिसका उपयोग वह अपनी आवश्यकताओं के लिए कर सकता है. First Updated : Wednesday, 22 January 2025