Sonia Gandhi Poor Lady Comment: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए 'बेचारी' (Poor Lady) वाले बयान पर बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. राष्ट्रपति भवन ने इस टिप्पणी को अनुचित और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है. राष्ट्रपति भवन के प्रेस सचिव ने बयान जारी कर कहा कि संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का एक घंटे का संबोधन पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा था, और वह किसी भी क्षण थकी हुई नहीं दिखीं. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां "खराब स्वाद" की हैं और सच्चाई से परे हैं.
राष्ट्रपति भवन ने सोनिया गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं. बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति किसी भी समय थकी हुई नहीं थीं. वास्तव में, वह समाज के हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों की आवाज़ उठाने में विश्वास रखती हैं, और उनके लिए बोलना कभी भी थकाने वाला नहीं हो सकता."
राष्ट्रपति भवन ने कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को लेकर यह भी कहा कि संभवतः वे हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरों और संवाद शैली से परिचित नहीं हैं, जिससे उन्होंने यह गलत धारणा बना ली.
संसद के बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा को इस पर प्रतिक्रिया देते देखा गया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सोनिया गांधी को कथित तौर पर यह कहते सुना गया, "राष्ट्रपति अंत तक बहुत थक गई थीं... बेचारी, वह मुश्किल से बोल पा रही थीं."
इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति भवन ने इसे "अस्वीकार्य" बताया और कहा कि यह राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है. बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह धारणा पूरी तरह गलत है. राष्ट्रपति किसी भी समय थकी नहीं थीं और वह पूरी ऊर्जा के साथ अपना अभिभाषण दे रही थीं."
राष्ट्रपति भवन ने दोहराया कि राष्ट्रपति का भाषण समावेशी विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. साथ ही, यह भी कहा कि आलोचकों ने संभवतः हिंदी भाषा की शैली और मुहावरों को सही से न समझ पाने के कारण राष्ट्रपति के संबोधन को लेकर यह गलतफहमी पैदा कर दी. राष्ट्रपति भवन ने इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए क्योंकि वे पूरी तरह से अनुचित और असंगत हैं. First Updated : Friday, 31 January 2025