अमित शाह ने दिए कड़े निर्देश, सीमा के पास अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर रोक लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं.

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध और अनधिकृत निर्माणों को गिराने के निर्देश दिए गए हैं.

सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, घुसपैठ रोकने और सीमा पार होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस फैसले के बाद सीमावर्ती इलाकों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.

अवैध निर्माणों पर जीरो टॉलरेंस

गृह मंत्रालय के अनुसार, अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर के भीतर अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूद सभी अवैध ढांचों को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाए. यह निर्देश उन्होंने राजस्थान दौरे के दौरान जारी किए. राजस्थान की बड़ी सीमा पाकिस्तान से लगती है.

जिला प्रशासन को दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी

अधिकारियों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं.

इनमें शामिल हैं:

  • बैंकिंग लेनदेन के कानूनी और वित्तीय अनुपालन की निगरानी
  • बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन
  • फंडिंग स्रोतों की जांच
  • फर्जी खातों और फर्जी कंपनियों की पहचान
  • फर्जी आधार कार्डों का पता लगाना
  • सीमा पार तस्करी पर नियंत्रण

फैसले का मुख्य उद्देश्य क्या है?

गृह मंत्री अमित शाह लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं.

सरकार के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य कई गंभीर गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनमें शामिल हैं:

  • सीमा पार घुसपैठ
  • नशीले पदार्थों की तस्करी
  • हथियारों की तस्करी
  • सीमावर्ती अतिक्रमण
  • टेरर फाइनेंसिंग
  • अन्य सीमा पार अपराध

बीकानेर में हुई हाई लेवल सिक्योरिटी मीटिंग

मंगलवार को अमित शाह ने बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे.

बैठक में बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई.

सीमावर्ती जिलों को दिए गए खास निर्देश

गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों को अपराध और नशे के नेटवर्क का गहन अध्ययन करने और स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं.

अमित शाह ने नागरिकों, सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी तंत्र को जोड़ते हुए प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा कवच तैयार करने पर जोर दिया.

'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' पर भी जोर

बैठक के दौरान 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP)' के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई.

मंत्रालय के बयान में कहा गया, "अंतिम छोर के शासन को मजबूत करने, आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने, बुनियादी ढांचे की कमियों को पूरा करने और सीमावर्ती आबादी का समर्थन करने के लिए 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (वीवीपी)-.. के सफल कार्यान्वयन पर जोर दिया गया."

साइबर अपराध और सरकारी योजनाओं पर फोकस

गृह मंत्री ने सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं की 100 प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

इसके साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए '1930' कॉल सेंटर के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दो महीने बाद इन सभी मुद्दों की फिर समीक्षा की जाएगी और जिलों को परिणाम आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी.

भारत-पाकिस्तान सीमा की संवेदनशीलता

भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 3,300 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर क्षेत्र की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LOC) भी शामिल है.

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को बढ़ावा देने और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है.

सरकार का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर घुसपैठ और आतंक से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.

पहलगाम हमले के बाद और बढ़ी सख्ती

सरकार के इस फैसले को पिछले साल कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक शामिल थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया था. First Updated : Thursday, 28 May 2026