सीएम सुवेंदु अधिकारी के बयान से मचा सियासी बवाल, बोले- कोर्ट नहीं सीधे बॉर्डर भेजो

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ आक्रामक रुख लिया. मुख्यमंत्री सुवेंदु ने साफ कर दिया अब सूबे में घुसपैठियों की खैर नहीं.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित भाजपा सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख ले लिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब सूबे में घुसपैठियों की खैर नहीं होगी. हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में पकड़े जाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को अब अदालतों के चक्कर में नहीं फंसाया जाएगा.

नया नियम पूरे राज्य में लागू

उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा. यह नया कड़ा नियम पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है.

सीधे पेट्रापोल बॉर्डर भेजेगी पुलिस

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और रेलवे सुरक्षा बल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी संशोधित नागरिकता कानून के तहत भारतीय नागरिकता का पात्र नहीं है तो उसे हिरासत में लेने पर पुलिस उसे अदालत न ले जाए. इसके बजाय संबंधित व्यक्ति को मानवीय आधार पर उचित भोजन कराया जाए और फिर सीधे उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव स्थित पेट्रापोल बॉर्डर या बसीरहाट सीमा चौकी पर तैनात बीएसएफ कर्मियों को सौंप दिया जाए.

अभियान का हिस्सा

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नीतिगत बदलाव केंद्र सरकार द्वारा पारित 'आव्रजन और विदेशी अधिनियम' के कानूनी दायरे के तहत किया गया है. राज्य सरकार ने इसे 'पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो' अभियान का हिस्सा बताया है. इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डीजीपी के माध्यम से हर हफ्ते बंदियों की संख्या की एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी.

हावड़ा में नागरिक विकास और चुनावों की तैयारी

हावड़ा शहर के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने हुगली नदी के तट पर स्थित शहर हावड़ा में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने घोषणा की कि हावड़ा और बाली नगर निकायों के लिए वार्डों का परिसीमन इस वर्ष दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद लंबे समय से लंबित नगर निगम चुनाव आयोजित किए जाएंगे.

जंग का ऐलान

मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों के खिलाफ भी जंग का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि हावड़ा में जल निकायों को भरकर बनाए गए अवैध भवनों के संबंध में एक रिपोर्ट मांगी गई है और बिल्डरों की भ्रष्ट कार्यप्रणालियों की जांच की जाएगी.

1 जून से शुरू होगा काम

भ्रष्टाचार और 'कट मनी' घोटाले पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष आयोग 1 जून से अपना काम शुरू करने जा रहा है. इस आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति बिस्वजीत बसु कर रहे हैं जबकि वरिष्ठ IPS अधिकारी के. जयरामन इसके सदस्य सचिव हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह आयोग जन सुनवाई के माध्यम से साक्ष्य जुटाएगा. इन साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियां की जाएंगी, और दोषियों द्वारा गबन की गई पूरी राशि वसूल की जाएगी.

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