सीएम का कमान संभालते ही थलपति विजय को एक बड़ी निराशा हाथ लगी है। भारत की महत्तवकांक्षी और बेहद उन्नत मध्यम मारक की लड़ाकू विमान AMCA के उड़ान की टेस्टिंग और इंटीग्रेशन हब को बदल दिया गया है। यह हब अब तमिलनाडु में नहीं बनेगा। यह डिफेंस एयरोस्पेस प्रोजेक्ट अब आंध्रप्रदेश में बनेगा। हालांकि केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर कुछ एक्सपर्ट सवाल उठा रहे हैं उधर सरकार का कहना है कि यह पहले से तय था कि इस प्रोजेक्ट को आंध्रप्रदेश में ही बनाना है। इस प्रोजेक्ट के हाथ से निकलने की वजह से हाल ही में तमिलनाडु के नए नवेले मुख्यमंत्री थलपति विजय के लिए झटका माना जा रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में हुए चुनाव में टीवीके ने 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसके बाद विजय ने कांग्रेस औऱ कई क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई।
पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान AMCA की उड़ान का टेस्टिंग और इंटीग्रेशन हब तमिनाडु से हटाकर आंध्रप्रदेश को दे दिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 15,000 करोड़ रुपये के इस AMCA डिफेंस हब की नींव पुट्टा पर्थी में रखी। तमिलनाडु से आंधप्रदेश क्यों शिफ्ट किया गया इसको लेकर डीआरडीओ ने कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
पिछले तीन सालों से तमिलनाडु सरकार होसुर में इस परियोजना को स्थापित करने के लिए डीआरडीओ से बातचीत कर रही थी हालांकि डीआरडीओ ने उस समय भी इसको लेकर कोई हामी नहीं भरी थी। तमिलनाडु सरकार ने जो प्रस्ताव दिया था उसके अनुसार AMCA उड़ान परीक्षण और एकीकरण परिसर को प्रस्तावित होसुर एयरपोर्ट के साथ बनाया जाना था, जिसमें परीक्षण सुविधा एक तरफ और यात्री टर्मिनल दूसरी तरफ होगा।
AMCA भारत की सबसे महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान परियोजना है। इसकी सबसे बड़ी खासियत 'स्टेल्थ टेक्नोलॉजी'है। स्टेल्थ तकनीक की वजह से AMCA विमान दुश्मन के रडार पकड़ नहीं सकते हैं। इन विमानों में हथियार प्रणालियों, स्पीड और सुपरसोनिक उड़ान बेहतर होती हैं। इनमें स्टेल्थ के अलावा सुपरक्रूज और डिजिटल तकनीक भी है। यह सिंगल सीट और डबल इंजन वाला पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा।
First Updated : Thursday, 21 May 2026