व्हाट्सएप पर चल रहा चुनाव आयोग, SIR को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, बोलीं- बंगाल झुकेगा नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR अभियान को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाने, मानवीय संकट और बंगाल की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को उठाया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग “व्हाट्सएप पर चल रहा है.” यह बयान उन्होंने सोमवार को मुरीगंगा नदी पर प्रस्तावित गंगानगर सेतु की आधारशिला रखने के बाद गंगासागर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया.

SIR अभियान पर ममता का बड़ा हमला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का इस्तेमाल बंगाल को परेशान करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस संवैधानिक संस्था पर लोकतंत्र की नींव टिकी है, वह इस तरह काम कर रही है, यह बेहद चिंताजनक है. ममता ने यहां तक कहा कि अगर यही हाल रहा तो एक दिन ऐसा आएगा जब यह चुनाव आयोग ही “गायब” हो जाएगा.

अभिषेक बनर्जी के आरोपों का समर्थन

ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पहले दिए गए बयानों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर कई लोगों की जान गई, कुछ लोग अस्पताल में भर्ती हुए और कई बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर मानसिक दबाव इतना बढ़ा कि उन्होंने आत्महत्या तक का प्रयास किया. ममता ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद चुनाव आयोग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब क्यों नहीं दिया गया.

मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से मनमाने ढंग से नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है, जिनमें से कुछ ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. इतना ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को भी बुलाए जाने का दावा करते हुए उन्होंने इसे अमानवीय करार दिया. ममता ने सवाल किया कि दशकों से इस देश में रहने वाले लोगों को बार-बार यह साबित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है कि वे नागरिक और मतदाता हैं.

बंगाल कभी नहीं झुकेगा

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने दो टूक कहा कि बंगाल कभी किसी दबाव के आगे नहीं झुका है और न ही झुकेगा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी सरकार और पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी. ममता ने इसे बंगाल की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया.

बंगाल की बहुलवादी पहचान पर जोर

मुख्यमंत्री ने बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बंगाल वह भूमि है जहां लोग मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे सभी में समान श्रद्धा से जाते हैं. यही बंगाल की पहचान है. ममता ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, कुछ ताकतें जानबूझकर अशांति फैलाने और झूठे मुद्दे उठाने की कोशिश करेंगी.

चुनाव से पहले बढ़ता सियासी टकराव

ममता बनर्जी के इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो सकता है. SIR अभियान को लेकर उठे सवाल अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले चुके हैं. मुख्यमंत्री के तेवर बताते हैं कि बंगाल में आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल और गरमाने वाला है.

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