भारत से क्यों घबराया तुर्की, पाकिस्तान की भी नींद उड़ी
साइप्रेस में भारत का ब्रह्मोस तनेगा और तुर्की और पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ जाएगी। तुर्की वह देश है जो भारत के खिलाफ ना सिर्फ साजिश करता है बल्कि पाकिस्तान का भी खुलकर साथ देता है। अब भारत और साइप्रेस के इस रक्षा गठबंधन से तुर्की तनाव में आ गया है।

भारत का 'ब्रह्मास्त्र' यानी ब्रह्मोस अब पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने पर इस अस्त्र की दुनियाभर में डिमांड बढ़ गई है। दुनिया के कई देश इसको लेकर भारत से डील कर चुके हैं तो कई डील फाइनल करने की तैयारी में है। इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों के बाद अब इस फेहरिस्त में एक और देश जुड़ गया है और यह देश है साइप्रस। यूरोपीय देश साइप्रेस ने हाल में ही भारत की अचूक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहित स्वदेशी कामिकेज ड्रोन को खरीदने की इच्छा जताई है। इस डील से सबसे ज्यादा परेशान और घबराया हुआ है तुर्की। इस देश की सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। आपको बता दें कि हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत आए थे और तब इस रक्षा सौदे की योजना बनी। इस यात्रा और मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रेस के राष्ट्रपति के बीच एक रक्षा सहयोग रोडमैप को मंजूरी दी गई। इसके अनुसार दोनों देशों की सेनाएं ट्रेनिंग, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे तकनीक आपस में साझा करेंगी। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस ने भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, सुसाइड ड्रोन नागास्त्र-1 और स्काईस्ट्राइकर खरीदने की भी इच्छा जताई है।
आखिर क्यों बेचैन है तुर्की?
इस रक्षा सौदे पर मुहर लगते ही यह पहली बार होगा जब भूमध्य सागर में कोई भारतीय हथियार प्रणाली की तैनाती होगी। यह तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका होगा। आपको बता दें कि तुर्की पिछले कई दशकों से उत्तरी साइप्रस पर अवैध कब्जा जमाए बैठा है। ऐसे में साइप्रस में ब्रह्मोस की तैनाती तुर्की की धड़कने बढ़ाने के लिए काफी है। अगर भू मध्य सागर में भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात होती हैं तो इससे क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पूरी तरह से बदल जाएगा जो तुर्की जैसे देशों के एक बड़ा झटका होगा।
पाकिस्तान की क्यों नींद उड़ी?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान की मदद की थी। इस्मालिक भाईचारे के नाम पर पाकिस्तान का तुर्की ने खुलकर साथ दिया था। इस ऑपरेशन के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को चोरी-छिपे सैकड़ों ड्रोन भेजे थे। हालांकि भारत ने इसके कई ड्रोन्स मार गिराए थे और पाकिस्तान के कायराना हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया था। इतना ही तुर्की कई बार वैश्विक मंचों पर कश्मीर के मुद्दे का जिक्र कर चुका है।


