CM योगी ने आंगनवाड़ी बहनों को दे डाले 70,000 स्मार्टफोन! अब हर बच्चे का डेटा रीयल टाइम में आएगा
सीएम योगी ने आज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 69,794 स्मार्टफोन वितरित किए. साथ ही उन्होंने 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फेंटोमीटर और 58,237 वजन मशीनें भी सौंपी.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 69,794 स्मार्टफोन वितरित किए. साथ ही उन्होंने 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फेंटोमीटर और 58,237 वजन मशीनें भी सौंपी. इस कार्यक्रम में नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी दिए गए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम सेवा वितरण को बेहतर बनाने और वास्तविक समय में डेटा एकत्र करने के लिए उठाया गया है. उन्होंने बताया कि पिछले चार साल से वे इस विभाग को निर्देश दे रहे थे कि हर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन हो. इससे उनके काम का सही डेटा समय पर मिल सकेगा और राज्य की रैंकिंग भी सुधरेगी.
कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ेगी और सुविधाएं भी
योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बढ़ती जिम्मेदारी पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में इनकी भूमिका और विस्तार होगी, इसलिए सरकार उन्हें आधुनिक उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है. अब आंगनवाड़ी केंद्र डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो सटीक डेटा से प्रदर्शन में सुधार लाएंगे.
मानदेय को सम्मानजनक बनाने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को गरिमापूर्ण बनाने का वादा किया. उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि सम्मानजनक मानदेय का प्रस्ताव जल्द पास किया जाए. योगी जी बोले, “अगर आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट है तो आपका मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए. आप सम्मानजनक पारिश्रमिक के हकदार हैं.” उन्होंने कहा कि संकट के समय में भी इन कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का काम जारी रखा. सरकार उनकी तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है.
पूर्व सरकार पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाया कि 2017 से पहले पोषण पूरकों का ठेका शराब माफिया को दिया जाता था. चयन प्रक्रिया रिश्वत पर आधारित थी और पोषण सामग्री की गुणवत्ता खराब थी. अब चयन ईमानदारी से होता है और व्यवस्था में पारदर्शिता आई है.
आउटसोर्स कर्मियों के लिए नया निगम
अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए नया निगम बनाया जाएगा. इससे बिचौलियों का शोषण खत्म होगा और श्रमिकों को सीधा उचित वेतन मिलेगा. पहले एजेंसियां पैसा हड़प लेती थी. इस पहल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का काम आसान और पारदर्शी बनेगा, जिससे बच्चों के पोषण और विकास में अच्छा सुधार आएगा.


