ऑनलाइन गेम की लत बनी मौत का सबब: गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस, पैरेंट्स के लिए अलार्म
गाजियाबाद तीन बहनो के सुसाइड केश में पुलिस की शुरुआती जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. तीनों बहनें एक खतरनाक ऑनलाइन गेम की शिकार थीं, जहां जिंदगी दांव पर लगाने वाले डरावने टास्कमिलते हैं . ये चुनौतियां मौत को न्योता देती हैं.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी. पुलिस को प्रारंभिक जांच-पड़ताल में पता चला है कि ये तीनों बहनें एक ऐसे ऑनलाइन गेम की आदी थीं, जिसमें खेल के दौरान जोखिम भरे कार्य दिए जाते हैं.
ऑनलाइन गेमिंग का खतरा बढ़ा
आज की वर्चुअल दुनिया में ऑनलाइन गेमिंग एक बड़ा खतरा बन गया है. बच्चे और यंग एज के बच्चे इन खेलों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे वे न केवल शारीरिक एवं मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, बल्कि कई बार आत्मघाती कदम उठा लेते हैं.
क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद में एक इमारत से कूदकर जान देने वाली लड़कियों के परिवारवाले भी इस बात से चिंतित थे और उनके ऑनलाइन गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे. कहा जा रहा है कि परिवार ने तीनों बहनों के मोबाइल फोन पर सख्त पाबंदी लगा दी थी. क्योंकि वे दिन-रात कोरियन ऑनलाइन गेम्स में डूबी रहती थीं. फोन छिनते ही उनकी दुनिया उजड़ गई, बेहद निराश और टूट चुकीं तीनों बहनें इस फैसले से इतनी परेशान हो गईं कि इतना बड़ा कदम उठा लिया.
पैरेंट्स की जिम्मेदारी
पैरेंट्स की यह जिम्मेदारी है कि वे इस तरह के जोखिम भरे खेल को हल्के में न लें और बच्चों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल के दौरान उन पर नियमित नजर रखें. ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचने के लिए अभिभावकों को जागरूक रहना होगा और बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन करना होगा.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचने के लिए पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए. इसके अलावा, सरकार को भी ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून बनाने चाहिए.
गाजियाबाद पुलिस की जांच
गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए.


