आज से खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, सरकार ने लागू किए सख्त नियम; रील बनाने पर रोक, हाईटेक निगरानी शुरू

चार धाम यात्रा आज से शुरू हो गई है, जिसमें इस बार कई नए नियम और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं. सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर खास ध्यान दिया गया है- जानिए क्या हैं बड़े बदलाव और जरूरी दिशानिर्देश.

Shraddha Mishra

आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा पर्व माने जाने वाली चार धाम यात्रा का आज से विधिवत शुभारंभ हो रहा है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं का इंतजार खत्म होगा, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूरे रीति-रिवाज के साथ खोले जाएंगे. इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आसान बनाने के लिए कई नए नियम और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं.

चार धाम यात्रा की शुरुआत आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी. गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे खोले जाएंगे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 12:35 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे. इसके बाद 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे और 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे. इन तारीखों के साथ चारों धामों की यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी.

यात्रा को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था

इस बार प्रशासन ने यात्रा को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए खास तैयारी की है. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कैमरों की मदद से हेड काउंट किया जाएगा. इसके अलावा, दर्शन के दौरान भीड़ से बचाने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है. यात्रा के दौरान तय दिशा-निर्देशों (SOP) का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो.

सुरक्षा के लिए हाईटेक निगरानी

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं. गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ मंदिर तक एक आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है, जो 24 घंटे निगरानी करेगा. इस पूरे मार्ग पर 360 डिग्री कैमरों के साथ 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही, महत्वपूर्ण स्थानों पर लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत सूचना दी जा सके.

रील बनाने पर रोक

धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं. मंदिर परिसर से 70 मीटर के दायरे में रील बनाने, वीडियो या फोटो शूट करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. जो लोग इन नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोबाइल और कैमरे रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था भी की गई है.

दर्शन की संख्या पर हटाई गई सीमा

इस बार एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि धामों में प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या की सीमा को हटा दिया गया है. पहले जहां सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति थी, वहीं अब बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह सीमा समाप्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकें.

पंचगव्य ग्रहण करना होगा अनिवार्य

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नई परंपरा लागू की गई है. यहां आने वाले हर भक्त को पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य होगा. पंचगव्य पांच चीजों- दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिलकर तैयार किया जाता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है.

अंतिम तैयारियों में जुटा प्रशासन

केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है. सड़कों को दुरुस्त किया गया है और पैदल मार्ग को भी सुरक्षित बनाया गया है. केदारनाथ के गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है और धामों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

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