ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका? हाई लेवल बैठक के बाद ट्रंप का गोल्फ खेलने जाना चर्चा में
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त संकेत दिए हैं. हाई लेवल बैठक के बाद भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुप्पी और गोल्फ खेलने जाना इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ले आया है.

नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ता वैश्विक तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है. एक ओर ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर अपना पूर्ण नियंत्रण होने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रवैया भी चर्चा का विषय बना हुआ है. उच्च स्तरीय बैठक के बाद जहां सभी को उनके बयान का इंतजार था, वहीं उन्होंने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी और गोल्फ खेलने चले गए, जिससे हालात को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने साफ शब्दों में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का दबदबा बना हुआ है. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं की, तो इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
गालबाफ ने यह भी दावा किया कि अमेरिका द्वारा समुद्र से माइन्स हटाने की कोशिशों का मुकाबला किया जाएगा और इसे मौजूदा युद्धविराम का उल्लंघन बताया. उनका यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान अमेरिकी मदद से माइन्स हटा रहा है.
सिचुएशन रूम में आपात बैठक
ईरान द्वारा होर्मुज को फिर से बंद करने और जहाजों पर फायरिंग की खबरों के बाद वॉशिंगटन में हलचल तेज हो गई. वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक हाई लेवल आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की चुप्पी ने सभी को हैरान कर दिया. उन्होंने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया और गोल्फ खेलने निकल गए. इससे पहले उन्होंने ईरान के रवैये को हल्के में लेते हुए कहा था कि तेहरान होर्मुज मुद्दे पर “थोड़ी चालाकी” कर रहा है.
अमेरिका ने दिए सैन्य विकल्प के संकेत
वाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान से निपटने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है. उन्होंने संकेत दिए कि इसमें संभावित सैन्य कार्रवाई भी शामिल हो सकती है.
फॉक्स न्यूज से बातचीत में मिलर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के साथ चल रही बातचीत में पूरी तरह सक्रिय हैं. उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
समुद्र में बढ़ता खतरा
ईरानी विदेश मंत्री अराघची के पहले के बयानों के उलट, मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि ईरान ने इस जलमार्ग पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. जहाजों पर फायरिंग और समुद्री माइन्स के खतरे ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है और समुद्री गतिविधियों पर जोखिम और गहरा गया है.


