B. Sudershan Reddy : कांग्रेस नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज, न्यायमूर्ति बी सुधीरशन रेड्डी ने रविवार को सांसदों से अपील की कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में उनका वोट सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि "भारत की आत्मा" के लिए होगा. रेड्डी ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र सहमति पर आधारित है, न कि टकराव पर, और उनकी ताकत लोगों को सुनने, मध्यस्थता करने और सहमति बनाने में है.
चुनाव में पार्टी व्हिप नहीं होगा लागू
रेड्डी ने सांसदों को यह याद दिलाया कि इस चुनाव में कोई पार्टी व्हिप लागू नहीं होगा, यानी पार्टियां अपने सांसदों को वोटिंग में निर्देश नहीं दे सकतीं. उन्होंने कहा, "देश के प्रति प्रेम ही आपका मार्गदर्शन करना चाहिए." रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका समर्थन खुद के लिए नहीं, बल्कि उन मूल्यों के लिए है जो हमें एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में परिभाषित करते हैं.
अध्यक्ष पद के चुनाव पर रेड्डी की टिप्पणी
रेड्डी ने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव सीधे तौर पर राज्यसभा के अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ा हुआ है, और उनका मानना है कि राज्यसभा को एक ऐसा सदन बनाना चाहिए, जहां राष्ट्रीय हितों को पार्टीगत मुद्दों से ऊपर रखा जाए. उन्होंने लोकतांत्रिक स्पेस के सिकुड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि "हमारा कर्तव्य है कि हम गणराज्य की आत्मा की रक्षा करें."
रेड्डी की उम्मीदवारी और विपक्षी एकता का संदेश
हालाँकि इस चुनाव में NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के पास स्पष्ट बहुमत है और उनकी जीत की संभावना प्रबल है, फिर भी INDIA गठबंधन ने रेड्डी की उम्मीदवारी के माध्यम से विपक्षी एकता का संदेश दिया है. यह चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले उपराष्ट्रपति को पाँच साल का कार्यकाल मिलेगा, जबकि मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपनी अस्वस्थता के कारण इस्तीफा दिया था.
धनखड़ के इस्तीफे के कारणों पर निरंतर चर्चा
धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का चुनाव आवश्यक हो गया है, हालांकि उनके इस्तीफे के "वास्तविक" कारणों को लेकर अब भी तरह-तरह की चर्चाएँ और अटकलें जारी हैं. रेड्डी ने इस चुनाव को केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से दूर, लोकतांत्रिक ताने-बाने की सुरक्षा के लिए एक सामूहिक प्रयास बताया है.
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुधीरशन रेड्डी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी एकता का प्रतीक बनने की कोशिश की है. उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्रीय हितों की प्राथमिकता पर जोर दिया है. यह चुनाव भले ही केवल एक प्रतीकात्मक हो, लेकिन इसके माध्यम से विपक्ष ने एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया है. First Updated : Sunday, 07 September 2025