कौन हैं मेजर अभिलाषा? जिन्हे UN दे रहा दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार, भारत गौरवान्वित

संयुक्त राष्ट्र आज शांति रक्षक दिवस पर भारत के दो शहीद जवानों लांस हवलदार हरभजन सिंह और नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान को मरणोपरांत डैग हैमरशोल्ड मेडल से सम्मानित करेगा.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र आज अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षक दिवस मना रहा है. शुक्रवार को आयोजित विशेष समारोह में भारत के दो शहीद शांति रक्षकों को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा. साथ ही भारतीय सेना की एक बहादुर महिला अधिकारी को भी प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा. यह सम्मान भारत के बढ़ते वैश्विक योगदान और सैन्य शौर्य का प्रतीक है.

दो शहीदों को डैग हैमरशोल्ड मेडल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस आज दो भारतीय वीरों को डैग हैमरशोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगे. यह मेडल शांति मिशन में जान गंवाने वाले शांति रक्षकों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है.

लांस हवलदार हरभजन सिंह ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में MONUSCO मिशन के दौरान शांति स्थापना के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान दक्षिण सूडान में UNMISS मिशन में तैनात थे और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए. दोनों जवानों ने विदेशी धरती पर वैश्विक शांति के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.

कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक?

समारोह की सबसे बड़ी खासियत है मेजर अभिलाषा बराक को मिलने वाला मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर 2025 पुरस्कार. मेजर अभिलाषा भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. 

वे वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) मिशन के तहत फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं. लेबनान में तैनाती के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय काम किया है.

वे मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन के बाद इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाली तीसरी भारतीय महिला अधिकारी बन गई हैं. यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.

भारत का शांति मिशनों में सबसे बड़ा योगदान

संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में भारत सबसे ज्यादा बलिदान देने वाला देश है. अब तक लगभग 180 भारतीय शांति रक्षक नीले झंडे के नीचे सेवा करते हुए शहीद हो चुके हैं. वर्तमान में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शांति सैनिक भेजने वाला देश है. 4,200 से ज्यादा भारतीय सैन्य और पुलिसकर्मी विभिन्न मिशनों में तैनात हैं. 

इनमें 155 महिला सैनिक भी शामिल हैं. भारतीय जवान फिलहाल अबेई, साइप्रस, कांगो, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में शांति बनाए रखने का काम कर रहे हैं. जहां दुनिया भर के 50,000 से ज्यादा शांति रक्षक सेवा दे रहे हैं, वहां भारतीय सैनिकों की वीरता और मानवीय संवेदनशीलता की खास तारीफ की जाती है.

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