आपके आरोप बिना सबूत और हमारे लिए सबूत मांगते हैं...भारतीय राजदूत ने कनाडा को लगाई फटकार

भारत के कनाडा उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले में भारतीय सरकार को जोड़ने वाले आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने कहा कि अदालत में मामला केवल कुछ व्यक्तियों के खिलाफ है, न कि भारत के खिलाफ. पटनायक ने स्पष्ट किया कि यदि ठोस सबूत मिलते हैं, तो भारत खुद कार्रवाई करेगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारतीय सरकार पर लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज किया है. एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि भारत को इस मामले से जोड़ना पूरी तरह निराधार और बेतुका है. पटनायक ने उलटे कनाडाई प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कनाडा पिछले करीब 40 वर्षों से अपने यहां सक्रिय आतंकवादी और चरमपंथी तत्वों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहा है.

‘बिना सबूत आरोप लगाना आसान’

आपको बता दें कि CBC न्यूज के कार्यक्रम Power & Politics में बातचीत के दौरान जब पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों पर सवाल किया गया, तो पटनायक ने बार-बार सबूत की मांग की. उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से कोई मामला साबित नहीं होता. उनका कहना था कि भारत ने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया है और जब तक ठोस प्रमाण सामने नहीं आते, तब तक इन दावों का कोई आधार नहीं है.

कानूनी मामला व्यक्तियों पर, किसी देश पर नहीं
भारतीय उच्चायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि कनाडा में चल रहा कानूनी मामला भारतीय राज्य के खिलाफ नहीं है. उनके अनुसार, अदालत में जो केस चल रहा है, वह कुछ व्यक्तियों के खिलाफ है, न कि किसी देश या सरकार के विरुद्ध. पटनायक ने सवाल उठाया कि अगर भारत की संलिप्तता है, तो फिर अदालत में राज्य के खिलाफ मामला क्यों नहीं है.

भारत की स्पष्ट स्थिति: सबूत दें, कार्रवाई करेंगे
दिनेश पटनायक ने दो टूक कहा कि भारत हमेशा से यही कहता आया है कि अगर किसी भी स्तर पर विश्वसनीय सबूत सामने आते हैं, तो भारत खुद कार्रवाई करेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को किसी दूसरे देश से कार्रवाई की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ प्रमाण चाहिए ताकि उचित कदम उठाए जा सकें.

‘आरोप लगाने वाले को ही साबित करना होगा’
कनाडा की ओर से लगाए गए आरोपों की भाषा पर सवाल उठाते हुए पटनायक ने कहा कि सामान्य नियम यही है कि आरोप लगाने वाले को सबूत देने होते हैं. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि एक पक्ष आरोप लगाए और दूसरा पक्ष खुद को बेगुनाह साबित करता फिरे.

कनाडा पर चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप
भारतीय राजनयिक ने यह भी कहा कि कनाडा में लंबे समय से खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों को खुली छूट मिलती रही है, जिससे भारत के खिलाफ हिंसा और उग्र गतिविधियों को बढ़ावा मिला. उनके मुताबिक, कनाडा की निष्क्रियता ने एक ऐसा माहौल बना दिया, जिसमें चरमपंथ फल-फूल सका.

2023 में भी भारत पर लगे थे आरोप 
गौरतलब है कि भारत और कनाडा के संबंध हाल के वर्षों में काफी तनावपूर्ण रहे हैं. 2023 में कनाडा में निज्जर की हत्या के बाद भारत पर आरोप लगाए गए थे, जिन्हें भारत ने सिरे से खारिज करते हुए राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. दिनेश पटनायक के ताजा बयान एक बार फिर भारत की उसी स्पष्ट और सख्त नीति को दोहराते हैं बिना सबूत, कोई आरोप स्वीकार नहीं.

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