'100% टैरिफ पर विचार नहीं', ट्रंप-जिनपिंग की बैठक से पहले अमेरिका-चीन के बीच हुआ समझौता, इन मुद्दों पर बनी सहमति

चीन और अमेरिका ने व्यापार समझौते पर बुनियादी सहमति हासिल की है. कुआलालंपुर में हुई दो दिवसीय वार्ता में टैरिफ, निर्यात नियंत्रण और व्यापार सहयोग पर चर्चा हुई. अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाने की धमकी वापस ली. ट्रंप-शी की आगामी मुलाकात से रिश्तों में सुधार की उम्मीद बढ़ी है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः चीन ने रविवार को घोषणा की कि उसने अमेरिका के साथ एक संभावित व्यापार समझौते पर बुनियादी सहमति हासिल कर ली है. यह प्रगति उस समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात कुछ ही दिनों बाद निर्धारित है. चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने इस वार्ता को स्पष्ट, गहन और रचनात्मक बताया.

बैठक में क्या हुई चर्चा?

रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच दो दिन चली गहन चर्चाओं के बाद हुआ. इन वार्ताओं में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भी शामिल थे. बातचीत कुआलालंपुर में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जहां दोनों देशों ने व्यापार से जुड़ी कई जटिल चुनौतियों पर चर्चा की.

वार्ता का एजेंडा व्यापक था, जिसमें टैरिफ नीतियां, निर्यात नियंत्रण, कृषि व्यापार, और फेंटेनाइल तस्करी जैसे मुद्दे शामिल थे. दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक सहयोग और साझेदारी के ज़रिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाई जा सकती है.

परस्पर सहयोग की अहमियत पर जोर

हे लिफेंग ने वार्ता के बाद कहा कि बीजिंग और वाशिंगटन के बीच आर्थिक संबंध पारस्परिक लाभ और साझा जीत के सिद्धांतों पर आधारित हैं. उनके अनुसार, दोनों देशों के लिए सहयोग लाभदायक है, जबकि टकराव नुकसानदायक साबित होता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नई सहमति से द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और वैश्विक बाजारों को भी स्थिरता मिलेगी.

अमेरिका ने टैरिफ खतरे को किया कम

वार्ता के सकारात्मक परिणाम के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सीबीएस न्यूज़ से बातचीत में कहा कि ट्रंप द्वारा पहले दी गई 100% तक टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी अब वापस ले ली गई है. यह प्रस्ताव चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों के निर्यात पर लगाए गए नियंत्रणों के जवाब में आया था, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा जैसे वैश्विक उद्योगों के लिए अहम हैं.

बेसेंट ने कहा कि दो दिनों की हमारी बातचीत बेहद सकारात्मक रही. ऐसा प्रतीत होता है कि अब टैरिफ बढ़ाने का कोई तत्काल खतरा नहीं है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीन भी वैश्विक निर्यात नियंत्रण प्रणाली को और कड़ा न करे.रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश अब हाल ही में बढ़े तनाव को कम करने और नए टैरिफ लागू होने से रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. पहले ये टैरिफ 1 नवंबर से लागू होने वाले थे, लेकिन अब उनकी संभावना कम दिख रही है.

ट्रंप-शी की जल्द मुलाकात से बढ़ी उम्मीदें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को मलेशिया पहुंचे, जहां वे आसियान शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. यह उनकी पाँच दिवसीय एशिया यात्रा की शुरुआत है, जिसका समापन 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक से होगा.

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम चीन के साथ एक समझौते के बेहद करीब हैं. इस बयान से यह संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक तनातनी अब शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में बढ़ रही है.

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