4 अमेरिकी सैनिकों की दर्दनाक मौत! हवा में ईंधन भरते वक्त सुपर टैंकर प्लेन हुआ तबाह, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है. इराक के पश्चिमी इलाके में एक अमेरिकी ईंधन भरने वाला विमान क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान पर सवार 6 क्रू सदस्यों में से 4 की मौत हो गई है.

नई दिल्ली: ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका और इजरायल को मिलकर हमले करने के बावजूद भारी नुकसान हो रहा है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार को बताया कि इराक के पश्चिमी इलाके में एक अमेरिकी ईंधन भरने वाला विमान क्रैश हो गया.
इस हादसे में विमान पर सवार 6 क्रू सदस्यों में से 4 की मौत हो गई है. बचाव कार्य अभी भी जारी है, और बाकी दो सदस्यों की तलाश की जा रही है.
हादसे का शिकार हुआ KC-135 स्ट्रैटोटैंकर
CENTCOM के अनुसार, दो विमान शामिल थे. क्रैश हुआ विमान बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर था, जो हवा में उड़ते हुए अन्य लड़ाकू विमानों को ईंधन भरता है. दूसरा विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसा दुश्मन की गोलीबारी या अपने ही पक्ष की फायरिंग से नहीं हुआ. यह एक दुर्घटना लगती है, जैसे कि फ्लाइट कंट्रोल में खराबी या मिड-एयर इंसिडेंट. जांच अभी चल रही है.
यह युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका का चौथा विमान क्रैश होना है. पहले तीन लड़ाकू विमान कुंवैत की फ्रेंडली फायर से गिरे थे, लेकिन उसमें सभी क्रू सुरक्षित बच गए थे.
KC-135 विमान की खासियत
KC-135 अमेरिकी वायुसेना का सबसे महत्वपूर्ण टैंकर विमान है. यह दशकों पुराना लेकिन भरोसेमंद है. इसमें 200,000 पाउंड तक ईंधन ले जाने की क्षमता है. युद्ध में लंबी दूरी के मिशन के लिए यह जरूरी है, क्योंकि इससे लड़ाकू जेट्स ज्यादा देर तक हवा में रहकर हमले कर सकते हैं. ईरान युद्ध में इन विमानों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, ताकि अमेरिकी विमान बिना रुके ऑपरेशन चला सके.
युद्ध का असर
यह हादसा युद्ध की खतरनाकी को दिखाता है. अमेरिका ने अब तक कई लक्ष्यों पर हमले किए हैं, लेकिन ऐसे नुकसान से सैनिकों का मनोबल प्रभावित हो सकता है. कुल मिलाकर, ईरान युद्ध में अमेरिकी सेना के 11 सैनिक मारे जा चुके हैं, जिसमें ड्रोन हमलों और अन्य घटनाएं शामिल हैं. CENTCOM ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ज्यादा जानकारी दी जाएगी. परिवारों से धैर्य रखने की अपील की गई है.


