इजराइल के हमले, ईरान का होर्मुज बंद...कुछ घंटों में टूट गया 40 दिन का सीजफायर! जानिए 24 घंटे के अंदर क्या-क्या हुआ
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सीजफायर का ऐलान किया गया, हालांकि ऐलान के कुछ घंटे बाद ही इजराइल ने लेबनान पर हमला कर दिया, जिसमें करीब 200 लोगों की मौत हो गई. जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में लंबे संघर्ष के बाद अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 10 सूत्रीय युद्धविराम समझौता हुआ. यह समझौता करीब 40 दिनों की लड़ाई के बाद लागू हुआ, लेकिन घोषणा के कुछ घंटों के अंदर ही तनाव बढ़ गया और सीजफायर खतरे में पड़ गया.
समझौते की घोषणा और पहला उल्लंघन
बुधवार को युद्धविराम की खबर आते ही बाजारों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन रात होते-होते इजराइल ने लेबनान पर भारी हमले शुरू कर दिए. बेरूत के व्यावसायिक और आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में करीब 200 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए. इजराइल का दावा है कि यह समझौता लेबनान पर हमलों को रोकने के लिए नहीं है.
वहीं ईरान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कहते हैं कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान भी शामिल है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि अमेरिका को युद्धविराम और इजराइल के हमलों में से एक चुनना होगा, दोनों साथ नहीं चल सकते.
ईरान का जवाब: फिर बंद हुआ होर्मुज
लेबनान पर हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा. ईरान ने संकेत दिया कि वह इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल भी वसूल सकता है.
अमेरिका ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए होर्मुज को खोलने की मांग की. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इसे अस्वीकार्य बताया और शांति वार्ता जारी रखने की कोशिश की.
खाड़ी देशों पर हमले
ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी के कई देश प्रभावित हुए. यूएई ने युद्धविराम की शर्तों पर तत्काल स्पष्टता की मांग की और चेतावनी दी कि अस्पष्टता से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है.
कुवैत: तेल संयंत्रों, बिजली स्टेशनों और पानी शुद्धिकरण प्लांट्स को नुकसान पहुंचा.
संयुक्त अरब अमिरात: अबू धाबी में मिसाइल हमले के मलबे से आग लगी, तीन लोग घायल हुए.
कतर: हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सात मिसाइल-ड्रोन मार गिराए.
सऊदी अरब: होर्मुज को बायपास करने वाली पाइपलाइन पर हमला हुआ.
बहरीन: मिसाइल और ड्रोन की सूचना मिली.
लेबनान में शोक और बाजारों पर असर
लेबनान ने राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित कर दिया. सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे और झंडे आधे झुका दिए गए. प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हमलों को रोकने के लिए हर कूटनीतिक प्रयास करने की बात कही.
बुधवार को सीजफायर की खबर से कच्चे तेल की कीमतें ढाई फीसदी गिर गई थी और शेयर बाजार (सेंसेक्स, निक्केई) में तेजी आई थी, लेकिन गुरुवार को हमलों की खबर से बाजार गिर गए. ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई.
अमेरिका और इजराइल का रुख
अमेरिका में भी शर्तों को लेकर भ्रम है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि लेबनान समझौते से बाहर है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान का सामना जारी रहेगा. पहले 24 घंटे में जो हुआ, उससे साफ है कि सीजफायर बहुत नाजुक है. शांति की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन तनाव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है.


