तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ एयरस्पेस बंद किया, क्या शुरुआत किसी बड़े कूटनीतिक युद्ध की

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह कदम हालिया सीमा हमलों की प्रतिक्रिया में लिया गया, जिससे उड़ानों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

International News:  अफगानिस्तान से आई खबर ने पाकिस्तान सरकार को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। दावा किया गया है कि तालिबान प्रशासन ने अचानक पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। ऐसा होने पर पाकिस्तान की कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर कार्गो और हज रूट से जाने वाली फ्लाइट्स रद्द हो सकती हैं। खबर अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है लेकिन यह दावा इतना गंभीर है कि पाकिस्तान की राजनीति और सेना दोनों में हलचल बढ़ने लगी है। अफगान पत्रकारों ने इसे तालिबान के कड़े इरादों का संकेत बताया है।

क्या हमला ही वजह बना?

रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दिनों पाकिस्तान की सेना ने अफगान सीमा क्षेत्र में हवाई हमला किया था। इस हमले में दस नागरिकों की मौत होने का दावा किया गया, जिनमें नौ बच्चे और एक महिला शामिल थीं। अफगान सरकार ने उस वक्त कहा था कि ऐसे हमलों का जवाब दिया जाएगा। अब एयरस्पेस बंद करने की घटना को उसी बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि तालिबान की ओर से अभी तक किसी कारण की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह कदम सीधे सैन्य हमले की प्रतिक्रिया है।

तनाव अब कितना बढ़ सकता है?

एयरस्पेस वाकई बंद हुआ है तो इससे सिर्फ उड़ानें नहीं रुकेंगी बल्कि दोनों देशों में तनाव और भी गहरा सकता है। पहले ही संबंध खराब स्थिति में हैं और अब नई चुनौती सामने आ सकती है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा सकता है क्योंकि पड़ोसी देश खुले तौर पर उसे चुनौती दे रहा है। कुछ विश्लेषक इसे आने वाले समय में कूटनीतिक टकराव की शुरुआत मान रहे हैं।

क्या इमरान की अफवाहों ने असर डाला?

इस बीच पाकिस्तान में इमरान खान की सेहत और राजनीतिक स्थिति को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। जनता में असमंजस बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव है। ऐसे में अफगानिस्तान का यह कदम राजनीतिक रूप से बड़ा झटका साबित हो सकता है। विपक्ष इसे सरकार की विदेश नीति की विफलता बताकर हमला करने की तैयारी में है। इससे पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति भी अस्थिर हो सकती है।

शहबाज को क्यों पड़ा भारी?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए यह घटना बेहद कठिन समय में आई है। उनकी सरकार पहले से आर्थिक संकट से गुजर रही है और अब अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी चुनौती सामने आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान की कमजोर कूटनीति का परिणाम हो सकता है। कई देशों की नजर अब इस पर है कि पाकिस्तान इस हालात को कैसे संभालता है।

तालिबान ने कब दी चेतावनी?

कुछ दिन पहले तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि अफगानिस्तान अपने इलाके, नागरिकों और एयरस्पेस की रक्षा करना अपना कानूनी अधिकार मानता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनके क्षेत्र में हमला हुआ है तो उसका जवाब दिया जाएगा। इसी बयान को अब एयरस्पेस बंद करने के कथित दावे से जोड़ा जा रहा है। हालांकि अभी तक तालिबान ने कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

क्या यह चेतावनी भर थी

अंतरराष्ट्रीय मीडिया फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहा है। अगर निर्णय सच साबित हुआ तो पाकिस्तान को अपनी उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग ढूंढने पड़ सकते हैं, जिससे फ्लाइट्स में देरी होगी। हज यात्रियों और कार्गो ट्रांजिट पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि स्थिति संभली नहीं तो यह मामला सीमाई संघर्ष या कूटनीतिक टकराव तक पहुंच सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या यह केवल चेतावनी है या किसी बड़े फैसले की शुरुआत।

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