अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध हटाया, यूरोप भड़क उठा! जर्मन चांसलर ने दी कड़ी चेतावनी
यूरोपीय राजनयिकों ने शनिकार को एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बड़ा युद्ध छेड़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट आ सकता है. यह मसला रूस-यूक्रेन युद्ध से दुनिया का ध्यान हटा रहा है और यूरोप के लिए नया बड़ा खतरा बनता जा रहा है.

यूरोपीय राजनयिकों ने शनिवार को चेतावनी दी कि मिडिल ईस्मेंट अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ता युद्ध वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर सकता है. उन्होंने चिंता जताई कि इस नए संकट के कारण दुनिया का ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध से हट रहा है, जो अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है. राजनयिकों ने स्पष्ट किया कि यूरोप इस खाड़ी युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन इसके आर्थिक परिणाम उसे भुगतने पड़ रहे हैं. उन्होंने सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीति और शांति का जिंता किया.
होर्मुज स्ट्रेट और यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर असर
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को बाधित कर दिया है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए ब्लॉक कर दिया है. हालांकि भारत जाने वाले कुछ टैंकरों को छूट दी गई है. भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद है. यूरोप में कीमतें बढ़ रही हैं, हमारी अर्थव्यवस्थाएं धीमी हो रही हैं और लोग नाखुश हैं. ये उस युद्ध के परिणाम हैं जिसमें हम शामिल भी नहीं हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर चिंता
जर्मन दूत ने चेतावनी दी कि दुनिया का ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध से हटना बहुत चिंताजनक है, जिसमें अब तक लाखों जानें जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने के प्रयास नहीं रुकने चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि रूसी तेल पर लगी कीमत की सीमा हटाना एक अच्छा विचार नहीं है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि रूस के पास यूक्रेन में एक और युद्ध छेड़ने के लिए पैसे हों.
इटली के राजदूत की चेतावनी
भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने जोर देकर कहा कि यूरोप ईरान से जुड़े इस युद्ध का समर्थन नहीं करता है. उन्होंने कहा, यह एक ऐसा युद्ध है जो हम नहीं चाहते थे. हम इसमें भाग नहीं ले रहे हैं और ना ही लेंगे. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि तेहरान 60 प्रतिशत से अधिक यूरेनियम संवर्धन स्तर तक पहुंच रहा है.
स्पेन के राजदूत का शांति का आह्वान
भारत में स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री जयशंकर ने कहा था कि भारत का 1 प्रतिशत इतिहास संयुक्त राष्ट्र में प्रदर्शित होता है. मैं कहूंगा कि संयुक्त राष्ट्र के 80 साल मानवता के इतिहास का सिर्फ 0.0005 प्रतिशत हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को कमजोर करने के बजाय वक्त के साथ इसे मजबूत बनाया जाना चाहिए.


