तनाव के बीच ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप, परमाणु परीक्षण को लेकर उठे सवाल
दक्षिणी ईरान में गुरुवार को 5.5 तीव्रता के भूकंप ने स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया. जर्मनी के भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था.

दक्षिणी ईरान में गुरुवार को आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया. जर्मनी के भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था. कम गहराई पर आए इस झटके के कारण इसका असर सतह पर ज्यादा महसूस किया गया, जिससे आसपास के इलाकों में लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए.
प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क
भूकंप के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया. राहत और बचाव दलों को संभावित नुकसान का आकलन करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं. फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है.
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 5.5 तीव्रता का भूकंप और उसकी 10 किलोमीटर की गहराई पूरी तरह सामान्य भूकंपीय गतिविधि के अंतर्गत आती है. दक्षिणी ईरान भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण समय-समय पर ऐसे झटके महसूस किए जाते हैं. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार दर्ज की जा चुकी हैं.
प्रशासन की लोगों से अपील
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और वैज्ञानिक संस्थान स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. अब तक किसी भी प्रकार के परमाणु परीक्षण या असामान्य गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.
क्षेत्र में पहले से मौजूद तनावपूर्ण हालात के बीच आए इस भूकंप ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है. अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके.


