लारीजानी की मौत के बाद नेतन्याहू का बड़ा बयान, ईरानी जनता से सत्ता के खिलाफ उठने की अपील
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान की जनता को सत्ता के खिलाफ खड़े होने का संदेश दिया। उन्होंने ईरानी शासन को कमजोर बताकर बदलाव की बात कही।

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत की खबरों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना ईरान की जनता के लिए एक मौका हो सकती है। नेतन्याहू ने ईरानी शासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लारीजानी को सत्ता चलाने वाले समूह का प्रमुख बताया। उनके अनुसार यह समूह आम लोगों पर दबाव बनाता रहा है। हालांकि ईरान ने अभी तक लारीजानी की मौत की पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
क्या वीडियो जारी कर दी चुनौती
הבוקר חיסלנו את עלי לאריג'אני. עלי לאריג'אני זה הבוס של משמרות המהפכה, שזה חבורת הגנגסטרים שמנהלת בפועל את איראן. אנחנו חיסלנו לצידו גם את מפקד הבסיג' - זה העוזרים של הגנגסטרים, שהם מפיצים טרור ברחובות טהרן וערים אחרות של איראן נגד האוכלוסייה. גם שם אנחנו פועלים; פועלים מהאוויר… pic.twitter.com/bOwQgRZ6Ti
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 17, 2026
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि इजरायल ने ईरान के कई प्रमुख लोगों को निशाना बनाया है। उन्होंने दावा किया कि लारीजानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े थे। उनके साथ एक अन्य कमांडर को भी खत्म करने की बात कही गई। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए एयर फोर्स और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
क्या ईरानी जनता को दिया संदेश
नेतन्याहू ने अपने बयान में ईरानी जनता से सीधे बात की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात बदलाव का मौका दे सकते हैं। उनके मुताबिक जनता को अपने भविष्य का फैसला खुद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आसान नहीं होगा। लेकिन अगर लोग डटे रहें तो शासन को चुनौती दी जा सकती है। इस बयान को ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए उकसाने के रूप में देखा जा रहा है। इससे विवाद और गहरा गया है।
क्या अमेरिका का भी किया जिक्र
नेतन्याहू ने अपने बयान में अमेरिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका के बीच सहयोग जारी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लंबी बातचीत हुई। दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में भी सहयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार यह सहयोग रणनीतिक स्तर पर जारी रहेगा।
क्या युद्ध जीतने का दावा
नेतन्याहू ने कहा कि किसी भी युद्ध में सबसे जरूरी चीज दृढ़ संकल्प होता है। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास यह संकल्प मौजूद है। उनके अनुसार सेना, नेतृत्व और जनता सभी एकजुट हैं। इसी ताकत के दम पर लक्ष्य हासिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई रणनीतियां अभी सामने नहीं लाई गई हैं। लेकिन इजरायल अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए काम कर रहा है।
क्या जनता से धैर्य की अपील
नेतन्याहू ने इजरायल की जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को अफवाहों और निराशा फैलाने वाली बातों से दूर रहना चाहिए। उनके अनुसार देश ने मुश्किल समय से उबरकर बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज इजरायल पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
क्या जीत का भरोसा जताया
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने सेना, वायुसेना और गठबंधनों की ताकत का जिक्र किया। उनके अनुसार देश की जनता भी मजबूत है। इसी वजह से इजरायल अपने लक्ष्यों को हासिल करेगा। उन्होंने लोगों से हिम्मत बनाए रखने की अपील की। साथ ही जरूरत पड़ने पर नागरिकों की मदद के लिए योजनाओं का भी भरोसा दिलाया।


