बांग्लादेश चुनाव में जीत के बाद बीएनपी ने पीएम मोदी से कहा, 'शांति और समृद्धि के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे'
बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने संसदीय चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है.

बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने संसदीय चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है. पार्टी ने कहा कि वह भविष्य में भारत के साथ सकारात्मक और सहयोगपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
बीएनपी ने X पर क्या लिखा?
बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के प्रति आभार व्यक्त किया. पार्टी ने अपने नेता तारिक रहमान के नेतृत्व की सराहना किए जाने पर विशेष धन्यवाद दिया. पोस्ट में कहा गया कि चुनाव परिणाम देश की जनता द्वारा पार्टी और उसके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे का स्पष्ट प्रमाण हैं.
बीएनपी ने अपने बयान में लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. पार्टी ने कहा कि वह सभी नागरिकों के लिए समान अवसर, राजनीतिक स्थिरता और प्रगतिशील नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी. साथ ही, पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार में बदलाव के बावजूद भारत के साथ उसके रिश्ते सहयोग और आपसी सम्मान पर आधारित रहेंगे.
Thank you very much, Honourable @narendramodi. We greatly appreciate your kind acknowledgment of Mr. Tarique Rahman’s leadership in securing the BNP’s decisive win in the national elections. This outcome reflects the trust and confidence the people of Bangladesh have placed in… https://t.co/hJAOguIvKZ
— Bangladesh Nationalist Party-BNP (@bdbnp78) February 14, 2026
भारत बांग्लादेश संबंधों पर पार्टी ने क्या कहा?
पार्टी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं. बीएनपी ने यह भरोसा जताया कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे और एक-दूसरे की चिंताओं का सम्मान करेंगे.
हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में बीएनपी ने कुल 297 में से 209 सीटों पर जीत दर्ज कर लगभग दो दशक बाद सत्ता में वापसी सुनिश्चित की है. वहीं, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश ने 68 सीटों पर जीत हासिल की. इस जीत के साथ तारिक रहमान देश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे हैं. हालांकि, उन्होंने पिछले 17 वर्षों से लंदन में निर्वासन का जीवन बिताया है.
अवामी लीग ने चुनाव में नहीं लिया हिस्सा
चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग हिस्सा नहीं ले सकी, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए, इस चुनाव में लगभग 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह लंबे समय की राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोजित हुआ. बीएनपी की जीत को देश में नए राजनीतिक दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नए समीकरण बनने की संभावना है.


